आतंकी सैफुल्लाह के पिता ने क़ायम की देशभक्ति की मिसाल, बेटे का शव लेने से किया इनकार, कहा भारत हमारे खून में बसता है-

लखनऊ | दिनांक 09-03-2017 थाना काकोरी के अंतर्गत हरदोई रोड हाजी बाग़ कालोनी क्षेत्र के एक मकान में 07 मार्च मंगलवार को लगभग दोपहर 3.30 बजे से 12 घंटो की मुठभेड़ में आतंकी सैफुल्लाह को मार गिराया गया| इस पूरे आॅपरेशन की देखरेख एडीजी कानून व्यवस्था दलजीत चौधरी ने किया,डीजीपी जावीद अहमद ने पूरे आॅपरेशन पर नजर बनाये रखी,आईजी असीम अरुण ने एटीएस कमांडों को मैनेज किया,मौके पर एटीएस सहित उत्तर प्रदेश पुलिस के आला अधिकारी मौजूद रहे मामले में एडीजी कानून व्यवस्था दलजीत चौधरी ने आॅपरेशन की पुष्टि की |आतंकी सैफुल्लाह कानपुर मनोहर नगर जाजमऊ का रहने वाला था लखनऊ हाजिबाग कालोनी के एक मकान में किराए पर रहता था पिता सरताज खान जो की एक छोटा व्यसाय करते हैं सैफुल्लाह के दो बड़े भाई व एक बहन है पिता को जब सैफुल्लाह के आतंकी होने के बारे में तथा उसके मारे जाने के बारे में जानकारी मिली तो पिता सरताज ने सैफुल्लाह का शव लेने से इनकार कर दिया और कहा कि जो देश का नही हो सका वो मेरा क्या होगा यही नही सैफुल्लाह का अंतिम संस्कार करने से भी मना कर दिया | सैफुल्लाह पढ़ाई में बी कॉम सेकेण्ड इयर कर चुका था लेकिन पिता ने बताया कि वो किसी काम में मन न लगाकर सिर्फ घूमता फिरता था उसके इसी रवैये के लिए वो डाटा गया था जिसके बाद वो घर छोड़कर भाग गया था वो दो महीने पहले सऊदी अरब जाने के लिए मुम्बई गया था,एक हफ्ते पहले फोन द्वारा पिता से सैफुल्लाह की बात हुई थी उसी के बाद से उसका संपर्क घरवालों से नही हो सका था उसके बाद सीधे सैफुल्लाह के आतंकी होने व उसके मारे जाने की खबर मिली तो एक बाप ने भारतीय होने के फर्ज को अंजाम देकर पूरे समाज के लिए एक मिसाल कायम कर दी कि देश से ऊपर कोई भी नही भारत हमारे खून में बसता है |

यूपी पुलिस के एडीजी लॉ एंड ऑडर दलजीत चौधरी ने दावा करते हुए कहा कि लखनऊ के हाजी बाग़ कालोनी में एनकाउंटर में मारे गए आतंकी सैफुल्लाह और गिरफ्तार किये गए अन्य संदिग्ध आतंकियों के सीधे तौर पर इस्लामिक स्टेट (आई एस) से जुड़े होने के सबूत नहीं मिले हैं ये सभी इंटरनेट सोशल मीडिया और वेबसाइट के जरिये (आई एस) से प्रभावित हुए थे और बिना किसी के बहकावे में आये खुद ही आतंकी घटनाओं को अंजाम देते थे एडीजी ने बताया कि गिरफ्तार संदिग्ध आतंकियों से मिली जानकारी के मुताबिक़ ये आतंकी ‘खुरासान ग्रुप’ बनाकर खुद अपनी पहचान बनाना चाहते थे |

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