उझानी: गंगा स्नान को आये दो सगे भाईयों सहित पाँच डूबे/ दो की मौत/तीन को गोताखोरों ने बचाया। (अंजार अहमद की रिपोर्ट)

बदायूँ/उझानी-कछला। बुद्धवार अमावस्या पर गंगा स्नान करते समय पाँच श्रद्धालु डूब गये।जिसमें दो सगे भाईयों की गंगा में डूबकर मौत हो गयी।तीन श्रद्धालुओ को गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत के बाद बचाया।

मिली जानकारी के अनुसार आज सुवह करीब नौ बजे एक ही परिवार से आये द्वारिकापुरी फिराजाबाद निवासी अजीत पुत्र रामचन्द्र 24 वर्षीय व उसका सगा भाई पुष्कर 21वर्षीय व गौरव पुत्र रमेश 27 वर्षीय,रामेश्वर पुत्र चन्द्रपाल 22 वर्षीय व संजीव पुत्र धर्मेन्द्र 45 वर्षीय अचानक गहरे पानी में डूबने लगे।शोर शराबा सुनकर पास ही मौजूद गोताखोरों ने छलांग लगा दी।गोताखोरो ने कड़ी मेहनत करके गौरव,रामेश्वर व संजीव को तो बाहर निकाल लिया लेकिन दोनों सगे भाईयों अजीत व पुष्कर को ढूँढ़ने में उन्हें काफी समय लग गया।तब तक अजीत 24 वर्षीय की गंगा में डूबकर मौत हो चुकी थी और उसके छोटे भाई पुष्कर की साँसे चल रही थी।परिजन उसे फौरन इलाज के लिए कासगंज ले गए जहाँ इलाज के दौरान पुष्कर 21वर्षीय की भी मौत हो गयी।परिजन बिना पोस्टमार्टम कराये शव को अपने घर ले गये।

यहाँ बताते चलें कि पिछले महीने भी गंगा स्नान करते समय अमित पुत्र किशन सिंह उम्र 18 साल,अनिल पुत्र किशन सिंह उम्र 20 साल,सुमित पुत्र राजेश उम्र 16 साल निवासी ग्राम नगला सीकम थाना चिकसना जनपद भरतपुर राजस्थान वहीं गंगा स्नान को आये शैलेन्द्र पुत्र बंगाली उम्र 18 साल निवासी मिढ़ाकुर थाना कागारोल जनपद आगरा से बट अमावस्य पर स्नान करने आये थे।जो कि स्नान करते समय डूबने लगे।परिजनों व श्रद्वालुओं ने इन्हें डूबते देखा तो लोगों को मदद के लिए पुकारा।

शोर सुनकर गोताखोरों ने बचाने का प्रयास किया लेकिन गोताखोर सिर्फ अनिल पुत्र किशन सिंह को ही बचा पाने में कामयाब हुए।बाक़ी अमित पुत्र किशन, सुमित पुत्र राजेश, शैलेन्द्र पुत्र बंगाली की गंगा में डूबकर मौत हो गयी।गोताखोरों ने दो घन्टे की कड़ी मशक्कत के बाद तीनों श्रद्वालुओं के शवों को गंगा से बाहर निकाला।

और उससे पहले दिनांक 14-5-2018 सोमवार को उमेश पुत्र रमेश उम्र 22 साल ग्राम हसनपुर थाना सोरों जनपद कासगंज और 13-5-2018 को दिनेश पुत्र बैजनाथ उम्र 28 मध्यप्रदेश की भी गंगा स्नान करते समय डूबकर मौत हो चुकी है।लगातार इस तरह के हादसों से श्रृद्धालु भी सहमे हुए से हैं।कुछ श्रद्धालुओं का कहना है कि अगर ऐसा हादसा एक ही जगह हो रहा है तो ऐसी जगह वेरीकेडिंग करवा देनी चाहिये।लेकिन सरकार का इस ओर ध्यान आखिर क्यूं नहीं हैं? कछलावासियों का कहना है कि अगर यहां बेरिकेडिंग हो जायेगी तो कम से कम ऐसे हादसे तो नहीं होंगें।

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