चार आंगनबाड़ी केन्द्रों पर 21 बच्चे अतिकुपोषित

बदायूँ : मुख्य विकास अधिकारी अच्छे लाल सिंह यादव ने बाल विकास विभाग के अधिकारियों, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को हिदायत दी कि अतिकुपोषित बच्चों की देखरेख तथा उनके पोषण हेतु किए जा रहे प्रयासों में कोई भी कोताही न बरती जाए। अतिकुपोषित बच्चों को जिला चिकित्सालय स्थित पोषण पुर्नवास केन्द्र में प्राथमिकता के आधार पर भर्ती कराया जाए, जिससे वह सामान्य रूप से स्वस्थ्य हो सकें।
हौसला पोषण मिशन अन्तर्गत सोमवार को सीडीओ ने अपने गोद लिए ब्लाक के गांव चितौरा तथा ब्लाक दातागंज के ग्राम सैंजनी में स्थापित चार आंगनबाड़ी केन्द्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों को उपलब्ध कराए जा रहे पुष्टाहार सहित अन्य खाद्य सामग्री के सम्बंध में भी पूछताछ की। गर्भवती महिलाओं तथा बच्चों को दिए जा रहे गर्म पके-पकाए भोजन की भी जानकारी ली। चितौरा स्थित प्रथम आंगनबाड़ी केन्द्र पर 73 तथा दूसरे आंगनबाड़ी केन्द्र पर 80 बच्चे पंजीकृत हैं, जिसमें 9-9 बच्चे अतिकुपोषित पाए गए। सैंजनी के प्रथम आंगनबाड़ी केन्द्र पर पंजीकृत बच्चों में एक तथा द्वितीय आंगनबाड़ी केन्द्र पर पंजीकृत बच्चों में दो बच्चे अतिकुपोषित पाए गए। सीडीओ ने अतिकुपोषित बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने के लिए पूर्ण प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। सीडीओ ने चितौरा स्थित आंगनबाड़ी केन्द्र पर मैन्यू के अनुसार गर्म पके भोजन की गुणवत्ता को भी देखा।  इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी निर्मला शर्मा, सैंजनी की आंगनबाड़ी कार्यकत्री रमादेवी, चितौरा की आंगनबाड़ी कार्यकत्री कृष्णा सारस्वत तथा नंदा शर्मा मौजूद पाई गईं। आंगनबाड़ी केन्द्र की साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाएं चाक-चौबंद पाई गईं।

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