पुजारी हैं वही जो राष्ट्र का गुणगान करते हैं-अमन मयंक शर्मा

महान क्रांतिकारी देशभक्त पं चंद्रशेखर आज़ाद की जयंती  की पूर्व संध्या पर साहित्य दर्पण संस्था के अध्यक्ष अमन मयंक शर्मा के संयोजन में  मोहल्ला चौबे में एक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया।गोष्ठी का शुभारम्भ मुख्य अथिति संस्था संरक्षक दिनेश चंद्र शर्मा ने माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया ।इसके बाद उपस्थित सभी साहित्यकारों एवं कवियों ने चंद्रशेखर आज़ाद के चित्र के समक्ष पुष्प अर्पित कर उनको नमन किया।। 1- युवा कवि आज़ाद शर्मा ने माँ सरस्वती की वंदना गान कर काव्य गोष्ठी को गति प्रदान की ।पड़ा–“आज बाल हठ कर बैठा हूँ। मातु शारदे ऐसा वर दे। बने  चंद्रशेखर जवानी। ऐसी बुद्धि प्रखर दे। ”         2-कार्यक्रम संयोजक, साहित्य दर्पण संस्था के अध्यक्ष, युवा साहित्यकार अमन मयंक शर्मा ने देशभक्ति की रचनाएँ पड़कर सभी को जोश से भर दिया।पड़ा-“पुजारी हैं वही जो राष्ट्र का गुणगान करते हैं। जलाकर देह औरों के लिए दिनमान करते है। वहां पर टेकने मत्था स्वयं भगवान् नित आते,जहाँ पर वीर माता के लिए बलिदान करते हैं।”  3-दातागंज से आये कवि उमेश अकेला ने पड़ा-“हिंदुस्तान की आन -बान-शान है आज़ाद। हर एक हिंदुस्तानी का अभिमान है आज़ाद।”      4-कवि कामेश पाठक ने चंद्रशेखर आज़ाद को नमन करते हुए पड़ा-“खून से जो कलाम लिखते हैं।बहते पानी में नाम लिखते हैं।जिनका तन मन है बस वतन के लिए,हम तो उनको सलाम लिखते हैं।” 5-कवि नरेश परोलवी ने आज़ाद का गुणगान करते हुए पड़ा-“दे गया है जीवनी संजीवनी स्वदेश को है,सारी उम्र पीता रहा घूँट जो जहर का। आरती उतारता समूचा राष्ट्र शेखर की ,जिसके लहू से तख़्त लन्दन का दरका।”6-कवि जयवीर चंद्रवंशी ने पड़ा-“जो रंग बसंती घोल गए।माता के बंधन खोल गए।हँस-हँस कर फाँसी पर चढ़कर,जो वंदे मातरम् बोल गए।”7-कवि संजय सक्सेना ने आज़ाद की वंदना करते हुए पड़ा-“हे आज़ादी के देव पुरुष,शतकोटि तुम्हारा वंदन है।जिस मिट्टी में बलिदान हुए,वह पारसमणि है,चन्दन है।”  इसके आलावा कवि अहमद मुज़्तर बदायूनी,कवि अचिन मासूम,कवि प्रदीप तालिब,कवियत्री महिमा उपाध्याय ने भी काव्य पाठ किया।कार्यक्रम की अध्यक्षता कवि उमेश अकेला ने की।कार्यक्रम संयोजक अमन मयंक शर्मा ने सभी कवियों को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया।कार्यक्रम का संचालन प्रदीप तालिब ने किया।इस अवसर पर गौरव पाठक,शैलेन्द्र मिश्रा,अनादि शंखधार,सूरज मिश्रा,अभिषेक शर्मा,विनोद सक्सेना,वीरेंदर पाठक,गिरीश पाठक ,अमित वैश्य,अर्पित गुप्ता,दीपक भारद्वाज,रामदेवी शर्मा,सुमित भारद्वाज,लोकेश साहू,शिखर सारस्वत,अंजुम बदायूनी,अंकित साहू,अभिषेक गुप्ता,वीरेंद्र कुमार,मृत्युंजय सिंह,अनिकेत सहित तमाम साहित्यप्रेमी मौजूद रहे।

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