पुजारी हैं वही जो राष्ट्र का गुणगान करते हैं-अमन मयंक शर्मा।।।

बदायूँ…………साहित्य दर्पण संस्था एवं श्याम मनोहर जन सेवा समिति के संयुक्त तत्वाधान में मोहल्ला चौबे स्थित अमन हाउस पर अमर क्रन्तिकारी देशभक्त पं रामप्रसाद बिस्मिल की जयंती के उपलक्ष्य में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ श्याम मनोहर जन सेवा समिति के अध्यक्ष दिनेश चंद्र शर्मा, ब्राह्मण महासभा के प्रदेश  उपाध्यक्ष वीरेंद्र पाठक एवं कार्यक्रम आयोजक अमन मयंक शर्मा  ने माँ सरस्वती एवं पं रामप्रसाद बिस्मिल  के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया।कवि  गौरव पाठक ने माँ सरस्वती की वंदना पाठ किया।कार्यक्रम संयोजक,साहित्य दर्पण संस्था के अध्यक्ष अमन मयंक शर्मा ने पं रामप्रसाद बिस्मिल समेत अनेक देशभक्तों को नमन करते हुए पड़ा-‘पुजारी हैं वही जो राष्ट्र का गुणगान करते हैं,जलाकर देह औरों के लिए दिनमान करते हैं।वहां पर टेकने मत्था स्वयं भगवान् नित आते,जहाँ पर वीर माता के लिए बलिदान करते हैं।। और पड़ा-‘    हे आज़ादी के देवपुरुष शतकोटि तुम्हारा वन्दन है।जिस मिट्टी में बलिदान हुए वह पारसमणि चन्दन है।’      वरिष्ठ कवि कामेश पाठक ने शहीदों के बलिदान को नमन करते हुए पड़ा-‘इतिहास हमेशा शीश झुकाता वीरों के बलिदान को।पाठ पढ़ाओ बलिदानों का अब तो हिंदुस्तान को।।  कवि संजय सक्सेना पं बिस्मिल को नमन करते हुए पड़ा-‘तुम धीर वीर गंभीर सदा,मन में इक विशवास लिए। भारत माता हित जीते मरते,माता के प्रति हर स्वांस लिए।।  कवि आदर्श कुमार समय ने पड़ा-‘क्रांति बिगुल का स्वर मुखरित था,भारत को आज़ाद किया।बिस्मिल रामप्रसाद को ,हम सबने है याद किया।  कवि असरार अहमद मुस्तर बदायूनी  ने पड़ा-अमर शहीदों का हमें सत्कार करना चाहिए।दिल की गहराइयों से उनको प्यार करना चाहिए।’   कवि जयवीर चंद्रवंशी ने पड़ा-‘रामप्रसाद  अमर रहें,अमर हो उनकी वाणी।आओ बिस्मिल को नमन करे,भारत का हर प्राणी।’    कवि नरेश परोलवी ने पडा-‘शहीदों के लहू का मूल्य कोई आंक पायेगा,हवन में कर जलाकर कौन है जो मुस्कुराएगा।’ इसके आलावा कवि विष्णु गोपाल अनुरागी,अहमद अमजदी,कवियत्री महिमा ,राकेश तनहा ,मनोज अंजाना ने भी काव्य पाठ किया।कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम संयोजक अमन मयंक शर्मा ने सभी कवियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।इस अवसर पर गीता शर्मा,अंजलि मिश्रा,मटोरालाल,मुरली शर्मा,रामदेवी शर्मा,शशिकांत मिश्रा,सुरेन्द्र बाबू,अजीत शंखधार,सुमित,अंकुर,दीपक भारद्वाज,राहुल सैनी,अनिकेत भारद्वाज समेत तमाम लोग मौजूद रहे।संचालन कवि अमन मयंक शर्मा  ने किया।

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