पुर्नवास केन्द्र में कहाँ के बच्चों का किया गया इलाज, विभागीय अधिकारियों, चिकित्सक को नहीं मालूम

बदायूँ : राज्य पोषण मिशन के तहत जिला चिकित्सालय में स्थित पोषण पुर्नवास केन्द्र में किस परियोजना के कुपोषित बच्चों का इलाज किया गया, केन्द्र के चिकित्सक नूरुल हसन और विभागीय अधिकारी डीएम को कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। जिलाधिकारी पवन कुमार ने कड़ी नाराज़गी व्यक्त करते हुए चेतावनी दी कि भविष्य में बैठक से सम्बंधित सभी अभिलेखों के साथ ही उपस्थित रहा करें।
शनिवार को कलेक्ट्रेट स्थित सभाकक्ष में डीएम ने सीडीओ अच्छे लाल सिंह यादव के साथ राज्य पोषण मिशन के कार्यां की गहन समीक्षा की। उन्होंने पाया कि चालू माह में दो चरणों में आयोजित वज़न दिवस में 2937 आंगनबाड़ी केन्द्रों पर तीन लाख 51 हजार 185 बच्चों का वज़न लिया गया, जिसमें 23 हजार 629 बच्चे कुपोषण का शिकार पाए गए हैं। अतिकुपोषित बच्चों के इलाज के लिए जिला चिकित्सालय में पोषण पुर्नवास केन्द्र (एनआरसी) बनाया गया है। जिलाधिकारी ने यहाँ बच्चों के किए गए इलाज के सम्बंध में समीक्षा की तो बाल विकास विभाग और एनआरसी के डॉक्टर के आंकड़ों में अन्तर पाए जाने पर डीएम ने कड़ी नाराज़गी जताई। एनआरसी के चिकित्सक ने बताया कि केन्द्र में 255 कुपोषित बच्चे भर्ती हुए जिसके सापेक्ष 215 बच्चों को स्वास्थ्य लाभ मिला तथा 15 बच्चों को बरेली स्थित जिला चिकित्सालय रेफर किया गया और 25 बच्चों के अभिभावक निर्धारित अवधि से पूर्व ही इलाज अधूरा छोड़कर चले गए। डीएम ने कहा कि किन-किन परियोजनाओं के बच्चों का पूर्ण इलाज नहीं हो सका, उनकी जानकारी उपलब्ध कराई जाए, जिससे उनका पुनः इलाज कराया जा सके। अधूरा इलाज छोड़कर जाने वाले बच्चों के सम्बंध में एनआरसी के चिकित्सक, जिला कार्यक्रम अधिकारी और सीडीपीओ को इस सम्बंध में कोई जानकारी न होने पर डीएम ने कड़ी नाराज़गी जताई। बीडीओ दहगवां द्वारा गोद लिए गांव की मासिक निरीक्षण रिपोर्ट उपलब्ध न कराने तथा बैठक से अनुपस्थित रहने पर सीडीओ ने जवाब तलब कर कार्रवाई कराने के निर्देश दिए हैं।

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