बदायूँ: ग्राम प्रधान का रोका जाए मानदेयः डीएम

बदायूँः  राज्य पोषण मिशन अंतर्गत ग्राम स्वच्छता के लिए भेजी गई धनराशि को जो ग्राम प्रधान 30 मई तक नहीं खर्च करेगा उस ग्राम प्रधान का मानदेय नहीं दिया जाएगा। कुपोषित बच्चों को एनआरसी में भर्ती कराए। गोद लिए गांव का  डाटा तैयार कर नोडल अधिकारियों को उपलब्ध करा दें। राज्य पोषण मिशन डाटा फीडिंग की स्थिति में सुधार लाएं। स्वास्थ्य केंद्रों पर  डॉक्टर  मरीजों को बाहर से दवाईयां न लिखें। कोई भी बच्चा लाल श्रेणी में न रहे। जिस गांव में पिछले वर्ष बीमारियां चली थी उन गांव में डॉक्टर जाकर पहले से निरीक्षण कर ले।
शनिवार को कलेक्ट्रेट स्थित सभा कक्ष में जिला अधिकारी दिनेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में राज्य पोषण मिशन के अंतर्गत जिला स्तरीय पोषण समिति की बैठक आयोजित की गई। उन्होंने ग्राम स्तर पर स्वच्छता के लिए सरकार द्वारा भेजी र्गइ दस हजार रूपए की धनराशि को जो ग्राम प्रधान एवं आशा खर्च 30 मई तक नही करेगी उसका मानदेय नही  दिया जाए। उन्होंने डीपीओ को निर्देश दें कि गोद लिए 90 गांव का डाटा तैयार कर सभी नोडल अधिकारियों को उपलब्ध करा दें, जिससे वाहय कमेटी द्वारा सत्यापन किया जा सके। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 86 गांव कुपोषण मुक्त हो चुके हैं
ड़ीएम ने डाटा फीडिंग की स्थिति अच्छी न पाए जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी  को निर्देश दिए कि एक सप्ताह के अंदर फीड कराए। उन्होंने समस्त चिकित्सकों को निर्देश दिए कि मरीजों को दवाई बाहर से न लिखें सारी दवाइयां अस्पताल में ही दे।सभी चिकित्सक  सुनिश्चित करें कि पूर्व में जिंन गांवों में बीमारी फैली थी उन गांवों में जाकर पहले से सारी तैयारियां पूर्ण कर लें। इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी सेवाराम चौधरी, पीडी डीआरडीए राम सिंह, उप जिलाधिकारी सदर पारसनाथ सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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