बदायूँ: जिला प्रशासन करवाएगा गरीब बेटियों की शादी/ सामूहिक विवाह समारोह के लिए नए जोड़ों की तलाश जोरों पर

बदायूँ ………..अब उत्तर प्रदेश में बेटियों को बोझ नहीं समझा जाएगा। अब पिता अपनी बेटी की शादी खुशी-खुशी करवाएगा और इसमें उनका साथ देगी उत्तर प्रदेश सरकार। यूपी में गरीब परिवार की लड़कियों की शादी का जिम्मा उत्तर प्रदेश सरकार ने लिया है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अन्तर्गत जनपद में 100 जोड़ों की शादी का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें सरकार प्रत्येक जोड़े पर 35 हजार रुपए व्यय करेगी।
मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित सभाकक्ष में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना अन्तर्गत अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं सामान्य वर्ग के गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले ज़रूरतमंद, निराश्रित, निर्धन परिवारों की विवाह योग्य कन्याओें, विधवा, परित्यक्ता/तलाकशुदा महिलाओं के विवाह हेतु आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर भव्य समारोह आयोजित कर सामूहिक विवाह सम्पन्न कराए जाएंगे। सभी एसडीएम, खण्ड विकास अधिकारियों तथा नगर पालिका परिषदों को 10-10, नगर पंचायतों को 5-5 एवं अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत को 51 आवेदन लेने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि 100 जोड़ा का विवाह समारोह आयोजित करने के लिए लगभग 35 हजार प्रति जोड़े के आधार पर धनराशि प्राप्त हो चुकी है। दिए गए लक्ष्य के सापेक्ष सभी आवेदन प्राप्त होने पर स्वयंसेवी संस्थाओं के आर्थिक सहयोग की आवश्यकता होगी। इस कार्य में सहयोग करने की इच्छुक स्वयंसेवी संस्थाएं उनसे एवं जिला समाज कल्याण अधिकारी से सम्पर्क कर सकते हैं। शादी में कन्याओं को आभूषण, सात बर्तन तथा कपड़े भी जिला प्रशासन द्वारा दिए जाएंगे। सामान की खरीदारी हेतु एक समिति का भी गठन किया गया है। दाम्पत्य जीवन में खुशहाली एवं गृहस्थी की स्थापना के लिए 20 हजार रुपए कन्या के खाते में अंतरित किए जाएंगे। विधवा परित्यक्ता/ तलाकशुदा की शादी पर 25 हजार रुपए की धनराशि बैंक खाते में दी जाएगी। विवाह संस्कार के लिए आवश्यक सामग्री कपड़े, चांदी के बिछिया व पायल, सात बर्तन पर दस हजार रुपए विधवा परित्यक्ता/तलाकशुदा की शादी पर पांच हजार रुपए व्यय किया जाएगा। गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले ज़रूरतमंद, निराश्रित, निर्धन परिवारों में बीपीएल कार्ड धारक, विधवा पेंशन के लाभार्थियों की पुत्रियों तथा दिव्यांगजनों की पुत्रियों की शादी हेतु चयन प्रक्रिया में वरीयता दी जाएगी। सामूहिक विवाह सम्पन्न कराकर कार्यक्रम में सम्मिलित होने वाले लोगों को उनकी सामाजिक/धार्मिक मान्यता, परंपरा तथा रीति रिवाज के अनुसार विवाह करने की व्यवस्था की जाएगी, जिससे सर्वधर्म- समभाव एवं सामाजिक समरसता को बढ़ावा मिले। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह अन्तर्गत आवेदन के लिए कन्या के अभिभावक प्रदेश के निवासी होना चाहिए। आवेदक का परिवार गरीबी रेखा की सीमा के अन्तर्गत आता हो। डीएम, सीडीओ की अध्यक्षता में गठित समिति निर्णय करेगी कि लाभार्थी की स्थिति नितान्त दयनीय है। वधु की आयु 18 वर्ष, वर की आयु 21 से कम नहीं होना चाहिए। आयु की पुष्टि में हाईस्कूल का प्रमाण पत्र, जन्मप्रमाण पत्र, आधार कार्ड आदि मान्य होंगे। कानूनी रूप से तलाक शुदा महिलाओं के लिए न्यायालय के आदेश की आवश्यकता होगी। अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग को जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। वर व वधू का पासपोर्ट साइज़ फोटो देना होगा, विधवा की स्थिति में पति का मृत्यु प्रमाण पत्र देना होगा।

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