बिल्सी: पर्यावरण से प्रेम करो साथियो:-प्रशान्त जैन

बदायूँ/बिल्सी: पर्यावरण दो शब्दों के मेल से बना है ,परि + आवरण । जिसमे परि का अर्थ है- चारो ओर एवं आवरण का अर्थ है- ढका हुआ ।

अथार्थ जो हमे चारो ओर से ढका हुआ है ,पर्यावरण ही तोह है ।
पर्यावरण का शुद्ध होना नितांत आवश्यक है ।क्योंकि जहां जैसी जलबायु होगी हमारा स्वास्थ भी उसी के जैसा होगा ।यह एक दूसरे के पूरक होती है ।

उदाहरण के लिए ,यदि हमारे आस-पास की जलवायु /बातावरण शुद्ध होगा तोह हमे बीमारिया नही होंगी,क्योंकि उस समय हम श्वशन क्रिया में ऑक्सीजन ग्रहण करते है ।
इसके विपरीत यदि यदि हमारे आसपास का वातावरण अशुद्ध होगा तोह जलबायु भी अशुद्ध होगी । श्वसन क्रिया में अशुद्ध ऑक्सीजन ग्रहण करने से हम बीमार हो जायेगे ,जिससे हमारे स्वास्थ्य पर गहरा और विपरीत असर पड़ेगा ।

अतः पर्यावरण/जलबायु का शुद्ध होना नितान्त आवश्यक है ।
जिसका एक ही माध्यम हैंवृक्षारोपण

वृक्ष/पेड़-पौधे ही एक ऐसा माध्यम है,जो अशुद्ध वायु को शुद्ध बना सकते है । कार्वन डाई/मोनो ऑक्साइड जैसी विषैली गैसों को ग्रहण करके हमे शुद्ध वायु प्रदान करते है ।

प्रकृति मे पीपल एक ऐसा वृक्ष है।जो हमे 24 घंटे ऑक्सीजन प्रदान करता है । न सिर्फ पर्यावरण की दृष्टि से बल्कि हिन्दू धार्मिक ग्रंथों में भी पीपल को जल देने की मान्यता प्रचलित है ।

मनुष्य अपनी स्वार्थ पूर्ण  गतिविधियों के कारण अपने ही मनुष्य जीवन के अस्तित्व को खतरे में डालता जा रहा है । वनो/जंगलो को काटकर शहरीकरण हो रहा है ,फर्नीचर बनाए जा रहे है ,जो कि एक बेहद दुःखद बिषय है ।
वन हमारे लिए बर्षा कराने में सहायक होने के साथ उपजाऊ मिट्टी के कटान को भी रोकते है ।कई प्रकार से हमारे लिए लाभकारी सिद्ध होते है ।
परन्तु  आज ,विषम सामाजिक दृष्टिकोण के कारण खुद को ही धोका देकर पर्यावरण के साथ खिलवाड़ कर रहा है ।

आज ब्यस्त जीवन मे हमारे समाज मे सामाजिक कार्य में रुचि लेने वालों की संख्या में भारी कमी आई है । लोग और तमाम सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाएं सिर्फ कागजों में ही लाखो पेड़ लगवाने में दावे के साथ ग्रीनिज वर्ल्ड ऑफ रिकॉर्ड बनाने में लगी है लेकिन वास्तविकता में यह सब दिखावा हो रहा है ।

जरूरत है तोह खुद को जागरूक होने की

यदि इस समय हम पर्यावरण के प्रति खुद से ही सचेत नही हुए तोह हमारी आने बाली पीढ़ी का अस्तित्व दुःखद और कष्टमय हो जाएगा ।

इस भारी समस्या से निपटने के लिए पर्यावरण के हित में समय समय पर वृक्षारोपण एवं उनका संरक्षण करने के लिए खुद व लोगो को इसके प्रति जागरूक करना होगा ।
(नईम अब्बासी रिपोटर)

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