ब्लॉक कादरचौक कार्यालय में अव्यवस्थाएं हावी, छह अधिकारियों, कर्मचारियों पर गिरी गाज़

बदायूँ : जिलाधिकारी पवन कुमार ने शनिवार को विकास खण्ड कार्यालय कादरचौक का औचक रूप से निरीक्षण किया, तो वहाँ की अव्यवस्थाएं और कर्मचारियों की मनमानी देखकर दंग रह गए। उन्होंने बीडीओ सहित पांच अधिकारियों, कर्मचारियों के वेतन आहरण पर रोक लगाते हुए सेवा पुस्तिकाओं में प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज करने हेतु मुख्य विकास अधिकारी अच्छे लाल सिंह यादव को निर्देश दिए हैं। डीएम ने कहा कि अब वह सभी ब्लॉकों का स्वयं स्थलीय निरीक्षण करेंगे और शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों को दण्डित किया जाएगा।
डीएम, सीडीओ एवं डीआरडीए के परियोजना निदेशक रविन्द्र नाथ सिंह यादव के पहुँचते ही विकास खण्ड कार्यालय में हड़कम्प मच गया। डीएम ने उपस्थिति पंजिका चैक की तो ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग के जेई राजवीर सिंह तथा लेखाकार सुशील चन्द्र पन्त सात नवम्बर से नदारद पाए गए। डीएम ने दोनों का जवाब तलब करने के साथ ही उनके वेतन आहरण पर रोक लगाने तथा प्रतिकूल प्रविष्टि दिए जाने के निर्देश दिए हैं। तहसील दिवसों में प्राप्त होने वाली शिकायतों का रख-रखाव सही न पाए जाने, माह अगस्त में प्राप्त शिकायती पत्र जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत न कर पाने तथा आईजीआरएस के तहत प्राप्त शिकायतें निस्तारित न होने पर डीएम ने सम्बंधित लिपिक वीरेश कुमार सिंह के वेतन आहरण पर रोक लगा दी है। ब्लॉक समरेर के एडीओ समाज कल्याण भारती को ब्लॉक कादरचौक का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है, लेकिन उनका नाम उपस्थिति पंजिका में दर्ज ही नहीं किया गया है और न ही वह ब्लॉक कार्यालय आते हैं। डीएम ने उपस्थिति पंजिका में नाम दर्ज न करने पर स्थापना लिपिक शाहबुद्दीन अहमद के वेतन पर रोक लगाते हुए सम्बंधित एडीओ समाज कल्याण भारती को प्रतिकूल प्रविष्टि देने और वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं। स्वच्छ भारत मिशन अभियान एवं नमामी गंगा योजना के तहत द्वितीय किश्त में प्राप्त धनराशि से अब तक लगभग 926 शौचालयों का निर्माण न कराने पर जिलाधिकारी ने एडीओ पंचायत सतीश चन्द्र के भी वेतन आहरण पर रोक लगा दी है। जिलाधिकारी ने उक्त सभी लापरवाहियों के लिए खण्ड विकास अधिकारी कादरचौक बलवन्त सिंह को दोषी मानते हुए उनका भी जवाब तलब करने, वेतन रोकने तथा प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए हैं।
ब्लॉक कादरचौक के सीडीपीओ हरी मोहन और स्टोर इंचार्ज प्रेमवती के बीच आपसी मतभेद होने के कारण पुष्टाहार का उठान नहीं हो पा रहा है। डीएम ने गोदाम पर पहुंचकर जब स्टाक रजिस्टर तलब किया तो उक्त मामला सामने आने पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने सीडीपीओ को एक सप्ताह की मोहलत देते हुए चेतावनी दी है कि निर्धारित अवधि में यदि पुष्टाहार का उठान नहीं हुआ तो सीडीपीओ को निलम्वित कर दिया जाएगा। डीएम ने अलग-अलग पटलों पर जाकर सम्बंधित कर्मियों से जानकारी हासिल की। ब्लॉक कार्यालय में सफाई चाक-चौबन्द पाई गई।

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