मुरादाबाद: बिलारी में हुआ यादें मुस्तफा कॉन्फ्रेंस का आयोजन/शादियों में फिजूलखर्ची रोकने से होगा गरीब की बेटी का विवाह आसान। (हिलाल अकवर की रिपोर्ट )

मुरादाबाद/बिलारी। नगर के मोहल्ला अंसारियान स्थित छंगा शाह रोड पर यादें मुस्तफा कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया जिसमें उलेमाओं ने मुस्तफा के वालिदैन को लेकर खिताब किया और इस महीने में मुस्तफा की आमद पर चर्चा की बाद में सलातो सलाम के बाद मुल्कों मिलने के लिए दुआएं की गई शुक्रवार की देर शाम कॉन्फ्रेंस की शुरुआत तिलावते कुरान से की गई भोजपुर से मुख्य अतिथि के रुप में आए अल्लामा मौलाना इकबाल हुसैन ने मुस्तफा की शान में खिताब किया उन्होंने कहा कि एक बार मुस्तफा के दादा अब्दुल मुत्तलिब खाना ए काबा के करीब तशरीफ फरमा थे तभी गैब से आवाज आई कि अब्दुल मुत्तलिब उठो जमजम का कुआं खोदो जो काफी समय बंद था फिर अब्दुल मुत्तलिब ने कुएं को खोदा और जमजम शरीफ निकलने लगा और जमजम आज भी निकल रहा है जो भी हाजी जाते हैं वह पीते हैं अपने घरों को भी लाते हैं क्योंकि आवे जमजम में सभी बीमारियों की शिफा है इसके अलावा उन्होंने बताया कि मुस्तफा के वालिद अब्दुल्ला का निकाह वहव की बेटी आमना से हुआ था फिर रविउल अव्वल का महीना था और मुस्तफा की आमद थी फिर क्या था सारे जमाने में मुस्तफा की आमद के चर्चे हो गए और यह चर्चे कयामत तक होते रहेंगे। इसके अलावा उन्होंने शादियों में हो रही फिजूलखर्ची एवं दहेज का दिखावा खत्म करने से गरीब की बेटी की शादी आसानी से होने लगेंगी और उन्होंने रसूल की सुन्नतों पर चलने का आह्वान किया। और जिंदगी को सफल बनाने के लिए दीनी व दुनियावी तालीमी को जरूरी बताया। बरेली से आए मौलाना गुलाम बरकाती ने मुस्तफा की आमद और मुस्तफा की सीरत पर बयान किया मुरादाबाद से आए मौलाना हसन रजा नूरी ने मुस्तफा की शान में नात शरीफ पेश की इसके अलावा मुफ्ती इस्लाम उल नबी ने नात शरीफ के माध्यम से सभी मोमिनो से नमाज और तिलावते कुरान के लिए हिदायत दी । अंत में सलातो सलाम पढ़ा गया और मुल्को मिल्लत के लिए दुआएं की गई फिर तबर्रूक तक्सीम किया गया। इस मौके पर कारी गुलाम अशरफ, कारी नासिर रजा, कारी मोहम्मद नाजिम, कारी शकील अहमद, मौलाना जमाल साहब के अलावा  कमेटी में डॉ नफीस अहमद ,मोहम्मद फैजान, इंतखाब मसूदी, मोहम्मद ओवेस आलम, मोहम्मद नाजिम रजा, मोहम्मद रजा, मोहम्मद अहमद, मोहम्मद शकील अंसारी, सभासद मुन्ना इनवर्टर वाले, सभासद सखावत हुसैन सलमानी आदि सहित अनेको मौजूद रहे कॉन्फ्रेंस की सदारत मौलाना अखलाक हुसैन रिजवी एवं निजामत कारी शाकिर रजा ने की।
हिलाल अकबर की रिपोर्ट

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