मुरादाबाद: सैयद सालार मसूद गाजी के सालाना उर्स में उमड़े अकीदतमंद। (हिलाल अकबर की रिपोर्ट)

मुरादाबाद/बिलारी। तहसील क्षेत्र के गांव थांवला में सैयद सालार मसूद गाजी ने अपनी जंगे सफर के दौरान कायम किया था और अपना एक नेजा गाड़ दिया था फिर यहां के बाद बहराइच एक जंग के दौरान शहीद हो गए थे। उन्हीं की याद में यहां पर एक दरगाह बना दी गई और हर वर्ष उर्स के मौके पर यहां भारी संख्या में अकीदतमंद आते हैं चादरपोशी के बाद दुआएं और मन्नतें मांगते हैं और उनकी मन्नतें पूरी भी होती हैं। बुधवार को दोपहर के समय विधायक मोहम्मद फहीम की अनुपस्थिति में उनके बड़े भाई इंजीनियर मोहम्मद वसीम ने  फीता काटकर उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने बोलते हुए कहा कि यहां सैयद सालार मसूद गाजी रहमतुल्ला अलेह की दरगाह है और आज इनके तीन दिवसीय उर्स का शुभारंभ हो चुका है यहां दूर दराज से अकीदतमंद आते हैं सूफी संतों की दरगाह से इंसानियत और मोहब्बत का पैगाम मिलता है। उन्होंने बताया कि बादशाह महमूद गजनबी के भांजे सैयद सलार मसूद गाजी को सालाना उर्स में याद कर चादरपोशी की जाती है और यहां हजारों की तादाद में अकीदतमंद आते हैं और अपनी मन्नतें मांगते हैं जो पूरी भी होती हैं। इसके अलावा नेजे में दरगाह पर अकीदतमंदों की भीड़ दिखी और खेल खिलौने, घर सौंदर्य, छोटे बड़े झूले, काला जादू अनेक प्रकार की दुकानों पर काफी तादाद में लोगों ने खरीदारी के साथ मेले का लुफ्त उठाया। इसके अलावा  मेला संयोजक  मोहम्मद रेहान पाशा ने बताया कि  उर्स मेला  में कुल शरीफ  जुमे की नमाज के बाद  होगा। इस मौके पर ग्राम प्रधान डॉक्टर अनीस अहमद, मेला संयोजक मोहम्मद रेहान पाशा, हाजी अख्तर हुसैन, अफसर हुसैन, रुखसाद, बाबू सलमानी, भूरा, इरशाद मुंशी जी, शौकीन कस्सार, शरीफ अहमद एडवोकेट, अमान रजा, नन्ने सलमानी, दिलशाद अहमद, डॉ आख्यार, हाजी जर्रार, अफसर हुसैन, अरकान पाशा, जावेद ड्राइवर आदि सहित अनेको मौजूद रहे।

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