योगी आदित्यनाथ ने यूपी के 21वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, इन नेताओं ने भी ली मंत्री पद की शपथ

योगी आदित्यनाथ ने आज उत्तर प्रदेश के 21वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले ली है. इस दौरान मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी औऱ बीजेपी के राष्ट्रीय अध्य़क्ष अमित शाह मौजूद हैं. योगी के अलावा बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य और बीजेपी नेता दिनेश शर्मा ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली है. यह शपथग्रहण लखनऊ स्थित कांशीराम स्मृति उपवन में हो रहा है.
राज्य मंत्री……………
अतुल गर्ग ने राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली है. अतुल गर्ग गाजियाबाद सीट से विधायक बने हैं. अतुल गर्ग बनिया जाति से आते हैं. इनकी उम्र 54 साल है.जयकुमार सिंह जैकी ने राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली है. यह अपना दल कोटे से मंत्री बने हैं. 50 साल के जयकुमार कुर्मी नेता हैं. यह जहानाबाद विधानसभा सीट से विधायक बने हैं.अर्चना पांडे ने राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली है. 56 साल की अर्चना पांडे डिंपल यादव के संसदीय क्षेत्र से विधायक बनी हैं. यह कन्नौज की छिबरा मऊ सीट से विधायक बनी हैं.जयप्रकाश निषाद ने राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली है.
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)
गुलाबो देवी ने राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में शपथ ली है. बीजेपी के राजभर चेहरा हैं. गुलाबो देवी दलित समाज से आती हैं. यह यूपी की चंदौसी सीट से बीजेपी की विधायक हैं. इन्होंने कांग्रेस की विमलेश कुमारी को हराया था.स्वाति सिंह ने राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में शपथ ली है. स्वाति ने अखिलेश के भाई अनुराग को हराया है. स्वाति सिंह बीजेपी नेता दयाशंकर की पत्नी हैं. मायावती गाली विवाद के बाद बीजेपी ने इन्हें टिकट दिया था.अनिल राजभर ने राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में शपथ ली है. बीजेपी के राजभर चेहरा हैं.धर्म सिंह सैनी ने राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में शपथ ली है. यह बीएसपी से बीजेपी में आए हैं और मंत्री भी रह चुके हैं. 55 साल के धर्म सिंह आयुर्वेद के डॉक्टर हैं. सहारनपुर की नकुड़ सीट से चुनाव जीते हैं.भुपेंद्र सिंह चौधरी ने राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में शपथ ली है. यह 1990 से बीजेपी के कई पदों पर रहे हैं. यह यूपी विधानसभा परिषद के सदस्य है. यह पश्चिमी यूपी में जाटों के बड़े नेता हैं.स्वतंत्रदेव सिंह ने राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में शपथ ली है. यह कुर्मी जाति से आते हैं. यह अभी किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं. आरएसएस से भी जु़ड़े रहे हैं.डॉ महेंद्र सिंह ने राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में शपथ ली है. यह यूपी विधान परिषद के सदस्य हैं. यह असम में बीजेपी के प्रभारी भी है. ओडिशा में पंचायत चुनावों में बीजेपी की जीत में इनकी अहम भुमिका मानी जाती है.उपेंद्र तिवारी ने राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में शपथ ली है. यह बलिया की फेफना सीट से चुनाव जीते हैं. यह दूसरी बार चुनाव जीते हैं.सुरेश राणा ने राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में शपथ ली है. यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बड़े चेहरे हैं. इनकी कट्टर हिंदुत्वादी की छवि है. यह मुजफ्फरनगर के थाना भवन से चुनाव जीते हैं. यह मुजफ्फरनगर दंगे के आरोपी भी हैं.अनुपमा जेसवाल ने राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में शपथ ली है.
यह हैं योगी के कैबिनेट मंत्री
नंद कुमार नंदी ने भी मंत्री पद की शपथ ली है. यह इलाहाबाद दक्षिण से बीजेपी विधायक बने हैं. यह कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे. यह केशव प्रसाद मौर्य के करीबी माने जाते हैं.आशुतोष टंडन ने भी मंत्री पद की शपथ ली है. यह लखनऊ उत्तर से चुनाव जीते हैं. यह लाल जी टंडन के बेटे हैं. आशुतोष को बीजेपी का ब्राह्म्ण चेहरा माना जाता है.मुकुट बिहारी वर्मा ने भी मंत्री पद की शपथ ली है. यह दूसरी बार बहराइच की कैसरगंज सीट से चुनाव जीते हैं.सिद्दार्थनाथ सिंह ने भी मंत्री पद की शपथ ली है. सिद्दार्थनाथ बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं. यह इलाहाबाद पश्चिम से बीजेपी विधायक चुने गए हैं. यह पू्र्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के नाती हैं.राजेंद्र प्रताप सिंह ने भी मंत्री पद की शपथ ली है. मोती सिंह के नाम से मशहूर हैं. यह चौथी बार विधानसभा पहुंचे हैं. 2003 में यूपी के कृषि मंत्री भी रह चुके हैं.श्रीकांत शर्मा ने भी मंत्री पद की शपथ ली है. यह बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता भी हैं. यह मथुरा सीट से विधायक बने हैं. श्रीकांत को अमित शाह का बेहद करीबी माना जाता है. इनका नाम भी सीएम पद की रेस में शामिल था.पूर्व क्रिकेटर चेतन चौहान ने भी मंत्री पद की शपथ ली है. चेतन को 1981 में अर्जुन अवॉर्ड से नवाजा जा चुका है. दो बार यूपी के अमरोहा से सांसद रह चुके हैं.लक्ष्मीनारायण चौधरी ने भी मंत्री पद की शपथ ली है. यह बीएसपी छोड़कर बीजेपी में आए हैं. यह मथुरा की छातापुर सीट से चुनाव जीते हैं. चौधरी का जाटों में काफी दबदबा रहा है. यह मायावती सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं.ब्रिजेश पाठक ने भी मंत्री पद की शपथ ली है. यह बीएसपी छोड़कर बीजेपी में आए हैं. य़ह लोकसभा और राज्यसभा के सांसद भी रह चुके हैं. यह बीएसपी से दो बार सांसद रह चुके हैं. यह लखनऊ सेंट्रल से विधायक चुने गए हैं.ओम प्रकाश राजभर ने भी मंत्री पद की शपथ ली है. ओम प्रकाश ने गाजीपुर की जहूराबाद सीट से चुनाव जीते हैं. इन्होंने बीएसपी के नेता को हराया है.जयप्रताप सिंह ने भी मंत्री पद की शपथ ली है. जयप्रताप सिद्दार्थनगर की भांसी विधानसभा सीट से विधायक हैं.रमापति शास्त्री ने भी मंत्री पद की शपथ ली है. यह यूपी के पूर्व मंत्री रह चुके हैं. यह गोंडा के मनकापुर से बीेजेपी विधायक हैं.सत्यदेव पचौरी ने भी मंत्री पद की शपथ ली है. सत्यदेव तीसरी बार विधायक बने हैं. वह 1967 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से छात्र राजनीति में आए थे. यह कानपुर की गोविंदनगर सीट से जीते हैं.एसपी सिंह बघेर ने भी मंत्री पद की शपथ ली है. यह लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य रह चुके हैं. यह टूंडला विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक हैं. यह समाजवादी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे.धर्मपाल सिंह गृह मंत्री राजनाथ सिंह और अमित शाह के करीबी माने जाते हैं. वह पार्टी में पिछड़ी जाति के चेहरे हैं. वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बड़े नेता हैं.साल 2015 में बीएसपी से बीजेपी में आए दारा सिंह चौहान ने भी मंत्री पद की शपथ ली है. दारा सिंह मऊ की मधुबनी सीट से जीते हैं. दारा सिंह पूर्व सांसद रह चुके हैं.कांग्रेस से बीजेपी में आई रीता बहुगुणा जोशी ने भी मंत्री पद की शपथ ली है. उन्होंने अपर्णा यादव को हराया है. रीता कांग्रेस की दिग्गज नेता रह चुकी हैं. यह कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुकी हैं. इनकी उम्र 67 साल है. यह पूर्व सीएम हेमवती बहुगुणा की बेटी हैं.राजेश अग्रवाल ने भी मंत्री पद की शपथ ली है. राजेश अग्रवाल संघ के काफी करीबी माने जाते हैं. पेशे से कारोबारी हैं राजेश. ये शाह और योगी के बेहद करीबी माने जाते हैं. यह बरेली कैंट से बीजेपी विधायक चुने गए हैं.कानपुर से सात बार विधायक रहे सतीश महाना ने भी मंत्री पद की शपथ ले ली है. सतीश महाना सीएम पद के प्रबल दावेदार माने जा रहे थे.सुरेश खन्ना ने भी मंत्री पद की शपथ ले ली है. सुरेश खन्ना को आरएसएस का काफी करीबी नेता माना जाता है. सुरेश खन्ना का नाम भी सीएम पद की रेस में सामने आया था.बीएसपी छोड़कर बीजेपी में आए स्वामी प्रसाद मौर्य ने यूपी में मंत्री पद की शपथ ली है. मौर्य ने बसपा सुप्रीमो मायावती पर टिकट बेचने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे.योगी के अलावा बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य और बीजेपी नेता दिनेश शर्मा ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली है
शपथग्रहण समारोह शुरू हो चुका है, योगी आदित्यनाथ ने यूपी के 21वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है. इस दौरान मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी औऱ बीजेपी के राष्ट्रीय अध्य़क्ष अमित शाह मौजूद हैं.बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी मंच पर पहुंच गए हैं. उन्होंने सबसे पहले हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन किया. उसके बाद वह मंच पर मौजूद तमाम वरिष्ठ मंत्रियों से मिले.मोदी का एयरपोर्ट पर स्वागत, राज्यपाल नाईक, गृह मंत्री राजनाथ सिंह और नव नियुक्त सीएम योगी आदित्यनाथ ने गुलदस्ता भेंट कर कियामुलायम सिंह मंच पर पहुंचे.पूर्व डिप्टी पीएम लालकृष्ण आडवाणी भी मंच पर पहुंचेकेंद्रीय कैबिनेट मंत्री उमा भारती शपथग्रहण समरोह में शिरकत के लिए पहुंचीयोगी आदित्यनाथ और उनकी पूरी कैबिनेट के शपथग्रहण समारोह में शिरकत के लिए निवर्तमान सीएम अखिलेश यादव मंच पर पहुंच चुके हैं, BJP नेताओं से मिलेलखनऊ में योगी आदित्यनाथ के शपथग्रहण समारोह में केशव प्रसाद मौर्य और केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद पहुंच गए हैं. मैदान में लोगों का भारी हूजूम है.घर से पूजा करके शपथ ग्रहण समारोह के लिए निकली बीजेपी नेता दयाशंकर की विधायक पत्नी स्वाति सिंह. स्वाति को योगी कैबिनेट में राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार बनाया गया है.शपथ ग्रहण से करीब सवा एक घंटे पहले योगी आदित्यनाथ लखनऊ में गेस्ट हाउस से निकलकर एयरपोर्ट पीएम मोदी की अगवानी करने जा रहे हैं.
योगी आदित्यनाथ जिस गेस्ट हाउस में ठहरे में उसके बाहर समर्थकों की भारी भीड़ जमा है, जो लगातार योगी-योगी के नारे लगा रही है.बीजेपी विधायक श्रीकांत शर्मा भी योगी कैबिनेट में मंत्री बनने जा रहे हैं. उन्होंने कहा है जो लोग योगी के सीएम बनने का विरोध कर रहे हैं, वो दरअसल मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति करते रहे हैं.विधानसभा चुनाव में किसी मु्स्लिम उम्मीदवार को टिकट ना देने वाली बीजेपी ने मोहसिन रजा को योगी आदित्यनाथ कैबिनेट में शामिल करने का फैसला किया है.सूत्रों के मुताबिक सीएम योगी आदित्यनाथ और दो डिप्टी सीएम के अलावा 44 और मंत्री भी लेंगे शपथ. सूत्रों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में मंत्रियों की लिस्ट अमित शाह ने फाइनल की है.
योगी पर सांप्रदायिकता फैलाने के आरोप पर उनके पिता आनंद सिंह बिष्ट ने कहा, ‘’मुंह से बोलने से कड़वाहट फैलती है. लेकिन अब वो सबको साथ लेकर चलेंगे. मैने उन्हें समझाया है कि आप भविष्य में किसी ऊंचे पद पर जाएंगे इसलिए लोगों के साथ संभाव रखें.”उत्तराखंड के यमकेश्ववर विधानसभा के बिथयानी गांव में 2005 में आदित्यनाथ ने गोरखनाथ कॉलेज बनाया गया था.योगी आदित्यनाथ के साथ जो मंत्री शपथ ले सकते हैं, उनमें से कुछ नाम एबीपी न्यूज को मिले हैं.  ये नाम हैं राजनाथ सिंह के बेटे पंकज सिंह, जाट नेता और एमएलसी भूपेंद्र सिंह चौधरी, श्रीकांत शर्मा, धरमपाल सिंह लोधी, सतीश महाना, सुरेश खन्ना, स्वाति सिंह, ब्रजेश पाठक, गोपाल टंडन और अनिल राजभर.मेरे लिए 21वीं सदी की दो सबसे अच्छी खबरें, पहली मोदी का देश का प्रधानमंत्री होना और दूसरी मेरे छोटे भाई योगी आदित्यनाथ का यूपी का मुख्यमंत्री होना. योगी जी विकास और राष्ट्रवाद को साथ लेकर चलेंगे और ये वामपंथियों के गाल पर सबसे बड़ा झापड़ पड़ा है: उमा भारती
उत्तर प्रदेश के भावी उपमुख्य़मंत्री दिनेश शर्मा ने एबीपी न्यूज़ से खास बातचीत में कहा, ”उत्तर प्रदेश बहुत बड़ा है, सभी विचार के बाद शीर्ष नेतृत्व ने एक टीम का चयन किया है. हमारे नेता योगी जी हैं, उनकी विकास की अपनी अवधारणा है.”
दिनेश श्राम ने कहा, ”हम संकल्प पत्र के सभी वादे पूरे करेंगे. जो-जो कहा है सब करेंगे. प्रधानमंत्री ने कहा है कि किसी को बैठने नहीं देंगे. हम जन आकांक्षाओं के लिए काम करेंगे. ‘सबका साथ सबका विकास’ इसी के लिए काम करना है. योगी जी अवधारणा राष्ट्रवाद की है इसे सांप्रदायिकता का नाम देना गलत है.”सुबह गेस्ट हाउस से बाहर निकले योगी आदित्यनाथ, इसके बाद वे शपथग्रहण समारोह स्थल पहुंचे. यहां उन्होंने सभी व्यव्स्थाओं और सुरक्षा का जायजा लिया. यहां कार्यकर्ताओं ने ‘योगी-योगी’ के नारे लगाए. ये अपने आप में पहला मौका है जब कोई भावी सीएम खुद शपथग्रहण त्थल पर तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे है.
शपथग्रहण में कौन कौन होगा शामिल
शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह मौजूद करेंगे. इसके अलावा बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों, राजग सरकारों के उपमुख्यमंत्रियों, केन्द्रीय मंत्रियों, बीजेपी शीर्ष नेतृत्व के पदाधिकारियों को शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत का न्यौता भेजा गया है. समारोह में यूपी के सभी बीजेपी सांसद और पार्लियामेंट्री बोर्ड के सदस्य मौजूद रहेंगे. योगी आदित्यनाथ के शपथग्रहण में 14 मुख्यमंत्री और तीन राज्यपाल के शामिल होने की उम्मीद जतायी जा रही है.
शपथग्रहण से पहले ही एक्शन में योगी
सीएम बनने से पहले ही योगी आदित्यनाथ एक्शन में आ गए हैं, डीजीपी और मुख्य सचिव के साथ बैठक में उन्होंने कहा है कि जीत के जश्न के दौरान किसी भी तरह का हुड़दंग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, साथ ही उन्होंने राज्य की कानून व्यवस्था पर भी चर्चा की है, सीएम मनोनीत होते ही योगी आदित्यनाथ ने अपने एजेंडा साफ कर दिया, उन्होंने कहा कि यूपी में विकास और सुशासन की स्थापना की जाएगी.
कौन हैं योगी आदित्यनाथ?
मूल रूप से उत्तराखंड के राजपूत परिवार में जन्मे आदित्यनाथ का असली नाम अजय सिंह है. 45 साल के आदित्यनाथ का जन्म 5 जून 1972 को हुआ है. गोरखपुर से लगातार पांचवीं बार बीजेपी के सांसद हैं. पहली बार उन्होंने 1998 में लोकसभा का चुनाव जीता तब उनकी उम्र महज 26 साल थी. योगी आदित्यनाथ गोरखपुर के गोरखनाथ मठ के महंत हैं. योगी आदित्यनाथ का एक धार्मिक संगठन भी है हिंदू युवावाहिनी जिसका पूर्वी उत्तर प्रदेश में खासा दबदबा है.
बीजेपी ने प्रचंड बहुमत हासिल किया
योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश में बीजेपी के चौथे और कुल 21वें मुख्यमंत्री होंगे. इससे पहले कल्याण सिंह, रामप्रकाश गुप्ता और राजनाथ सिंह प्रदेश की बीजेपी सरकारों में मुख्यमंत्री रह चुके हैं. इनमें से कल्याण सिंह दो बार मुख्यमंत्री रहे हैं.
गौरतलब है कि कुल 403 सदस्यीय विधानसभा के चुनावों में बीजेपी और उसके सहयोगी दलों ने रिकार्ड 325 सीटें जीती हैं. बीजेपी ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 312 सीटों पर जीत हासिल की जबकि उसकी सहयोगी पार्टियों ने भी 13 सीटों पर जीत हासिल की है

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