शाहजहांपुर: यूपी पुलिस के सिपाही ने पेश की मानवता की एक अच्छी मिशाल। (अश्वनी शुक्ला की रिपोर्ट )

शाहजहांपुर/पुवायां।  आज तक हम लोगों पुलिस अमानवीय चेहरों की तस्वीरों और अनैतिक कार्य के बहुत से किस्से सुने व देखे होगे लेकिन आज हम आप उत्तर प्रदेश पुलिस के एक ऐसे कांस्टेबल कहानी लिखने जा रहे हैं जिस पढ़कर समाज का पुलिस के प्रति नजरिया बदल जाएगा।

जनपद शाहजहांपुर के सिपाही ने जिंदगी और मौत से जंग लड़ रही गोली से घायल युवती को अपना खून देकर युवती को एक नई जिंदगी तौफे मे दी है।
मामला पुवायां कोतवाली के गांव लखौआ का है जहां पर बीते दिनों एक सिरफिरे प्रेमी ने प्रेमिका की शादी कही दूसरी जगह तय होने से नाराज होकर प्रेमी ने प्रेमिका को गोली मारकर खुद भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।
गोली से गम्भीर रुप से घायल युवती को लखनऊ मेडिकल कॉलेज में रेफर किया गया था जहां पर युवती की जान बचाने के लिए उसका आपरेशन करना बेहद जरूरी था जिसके एक यूनिट खून की जरूरत थी ।लेकिन युवती के परिवार के माता पिता की आर्थिक एवं शारीरिक स्थिति ऐसी नही थी कि वह अपना खून देकर अपनी लाड़ली बेटी की जान बचा सके और घायल युवती की जान बचाने के लिए आपरेशन तत्काल करना आवश्यक था। ऐसे मे घायल युवती के साथ ड्यूटी पर भेजा गया सिपाही यश कुमार मसीहा के रुप मे आकर युवती को अपना खून देकर घायल युवती की जान बचाकर समाज में मानवता की एक अनौखी मिशाल पेश की है।आपको बताते चलें कि यश कुमार मूलतः रूप से मुरादाबाद जिले के गांव मोढ़ा थाना पाकवाड़ा के रहने वाले हैं।2011 बैच के सिपाही यश कुमार ने इससे पहले भी कई लोगों खून उनकी जिंदगी बचाई है।सिपाही का मानना है कि पुलिस ड्यूटी के साथ साथ हम सबको मानवता के प्रति अपने कर्तव्यो को कभी भी नहीं भूलना चाहिए।पुलिस के आलाधिकारी अपने सिपाही की दरियादिली से बेहद खुश नजर आए।अब पुलिस के आलाधिकारी पुलिस कार्यक्रम में यश कुमार सम्मानित करने की बात कर रहे हैं।

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