शाहजहांपुर: साठा-धान के प्रतिबन्ध पर किसानों ने दिल्ली पलिया मार्ग पर लगाया जाम/जाम की सूचना पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी

शाहजहांपुर………..
पुवायां। जिलाधिकारी ने गिरते जलस्तर को देखते हुये जिले में साठा-धान की रोपाई पर रोक लगा रखी है, जिसके बावजूद पुवायां तहसील के किसानों ने साठा-धान की नर्सरी तैयार कर रखी थी। जिलाधिकारी ने साठा-धान की पौध को नष्ट करने का आदेश दिया जिसके बाद हरकत में आये नायब तहसीलदार ज्ञानेन्द्र सिंह व कोतवाल अशोक पाल मय फोर्स के गुटैया स्थित एक किसान के खेत में साठा-धान की नर्सरी को नष्ट करने पहुंचे। किसान ने क्षेत्र के तमाम किसानों को सूचना दी। सूचना पर तमाम किसान पंहुच गये और प्रशासन का विरोध करने लगे। किसानों के विरोध पर कोतवाल ने जिलाधिकारी का लिखित आदेश दिखाया तो किसान भड़क गये और कड़ा प्रतिरोध करते हुये सुबह दिल्ली पलिया मार्ग पर किसान संगठन के अध्यक्ष सरदार निर्मल सिंह व अशोक सिंह के नेतृत्व में क्षेत्र के सैकड़ों किसानों ने जाम लगा दिया, जिससे दिल्ली पलिया मार्ग का आवागमन ठप्प हो गया। सूचना पर पहुंचे उपजिलाधिकारी रामशंकर व कोतवाल अशोक पाल मौके पर पहुंचे और किसानों का समझाने का प्रयास किया। किसानों ने जिलाधिकारी को मौके पर बुलाने की बात कही। उपजिलाधिकारी ने जिलाधिकारी से फोन पर वार्ता की जिसके बाद मौके पर जिला कृषि अधिकारी धीरेन्द्र सिंह चैधरी उपकृषि निर्देशक डा. प्रभाकर सिंह जिला उद्यान अधिकारी जयराम वर्मा मौके पर पहुंचे और किसानों से वार्ता की। किसान संगठन के अध्यक्ष निर्मल सिंह ने कहा कि धान की एक एकड़ के लिये नर्सरी तैयार करने में 1500 रूपये का खर्चा आता है। अगर प्रशासन को साठा-धान की रोपाई पर रोक लगाने की मंशा थी तो किसानों को दो माह पहले ही किसानों को नोटिस जारी करना चाहिए था। जबकि यहां किसान की आलू व मटर की पिछली दो फसले खराब हो चुकी है। जिसके बाद यहां के किसानों ने साठा-धान लगाने का फैसला लिया चूंकि आसपास के जनपदों में साठा-धान की खूब खेती होती है, जबकि वहां पर कोई प्रतिबन्ध नहीं है। अगर शासन को प्रतिबंध लगाना है तो पूरे उत्तर प्रदेश में एकसाथ लागू करे उन्होने कहा कि मकसुदापुर चीनीमिल पर आरोप लगाते हुये कहा है कि कुछ लोग मिल प्रबंधन से मिलकर प्रशासन को बर गलाकर क्षेत्र मंे साठा-धान पर प्रतिबंध लगाने का षड्यंत्र रच रहे है जिससे कि क्षेत्र में गन्ने की फसल का क्षेत्रफल बढ़ सके और चीनीमिल को फायदा हो सके। उन्होने कहा कि अगर प्रशासन की मंशा फिर भी साठा-धान पर प्रतिबंध लगाने की है तो इसबार प्रशासन किसानों को छूट देदे अगली फसल कैलेन्डर से हम साठा-धान निकाल देगंे हम प्रशासन के साथ हैं। प्रशासन भी किसानों का दुखदर्द समझे। अधिकारियों ने किसानों को बताया कि लखनऊ से कृषि विशेषज्ञों की टीम आ रही है। हम किसानों की उनकी वार्ता कराने का प्रयास करंेगे। घेराव करने वालों में अशोक सिंह, बल्देव सिंह, जसविन्दर सिंह, सतवन्त सिंह कुक्कू, देशपाल चैधरी, रवीन्द्र चीमा, जसपाल सिंह, कुल्दीप सिंह, सर्वजीत चन्दी, जसपाल सिंह, अमरीक सिंह, पर्वत सिंह, बलकार सिंह, गुरमीत सिंह, अमरजीत सिंह, लखविन्दर सिंह, प्रदीप चैधरी सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।

(रिपोर्टर अश्वनी शुक्ला)

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