सदर सीट से टिकट को लेकर घमासान

बदायूं: शहर में चुनाव को लेकर गर्मागर्मी का माहौल है सब दलों में टिकट के लिए मारामारी चल रही है सभी दलो के दावेदार टिकट को लेकर तरह तरह का प्रयास कर रहे है।

भारतीय जनता पार्टी में टिकट को लेकर पूर्व विधायक रामसेवक व पूर्व विधायक महेश गुप्ता में टिकट की लेनदेन के कारण पार्टी में घमासान मचा हुआ है पार्टी का एक खेमा पूर्व विधायक महेश गुप्ता को टिकट दिलाने की कोशिश कर रहा है और एक खेमा पूर्व विधायक रामसेवक को टिकट दिलाने की मांग कर रहा है। भाजपा के दोनो दावेदार पार्टी के सम्मेलन में अपने अपने समर्थको के हुजूम के साथ अपनी दावेदारी मजबूत करते दिखाई देते है इस बात को लेकर भाजपा में काफी मंथन चल रहा है। भाजपा के वरिष्ठ स्थानीय नेता व पदाधिकारी पूर्व विधायक महेश गुप्ता के लिए टिकट देने की तरफदारी कर रहे है जिस बात को लेकर भाजपा के नेताओं में मंच पर नोकझोक तक हुई थी बारहाल भाजपा में काफी मंथन चल रहा है।
जैसा कि शहर में चर्चा चल रही है कि सदर सीट से बसपा के घोषित प्रत्याशी भूपेंद्र सिंह दददा को बदलकर पार्टी दूसरा प्रत्याशी सदर से उतारेगी लेकिन इस बात को बसपा के नेता सिर्फ एक अफवाह बता रहे है शहर में इस बात की भी चर्चा है कि जिले में पांच विधानसभ क्षेत्र है बदायॅ,दातागंज,बिल्सी,बिसौली और सहसवान जिनमें से तीन विधानसभा क्षेत्रों से तीन मुस्लिम प्रत्याशी की घोषणा हो चुकी है जबकि सभी वर्गो कों साथ लेकर चलने की बात कहने वाली बसपा चुनाव के इस नाजुक दौर में कोई ऐसा कदम नही उठाना चाहती जिससे कोई वर्ग विरोध करे जिससे विधानसभा चुनाव में पाअीर् के लिए कोई नुकसान हो इस बात की चर्चा को शहर अधिकतर लोग करते दिखाई दे रहे हैं।
वैसे तो कांग्रेस पार्टी ने अभी अपने पत्ते नही खोले है परंतु अंदरुनी मंथन जारी है। पार्टी के एक पदाधिकारी ने नाम नही छापने को कहा और बताया कि सदर सीट से पांच दावेदारों के नाम हाईकमान को गए थे अभी विचार चल रहा है पांच में से दो नाम तो लगभग हटा दिए गए है लेकिन तीनो दावेदारो के नाम पर विचार चल रहा है कांग्रेस के पदाधिकारी ने यह भी कहा कि कयास लगाया जा रहा है कि सदर सीट से सफीर उददीन अधिवक्ता को ही हाईकमान सदर सीट से चुनाव लड़ने के हरी झंड़ी देगा। उन्होने यह भी बताया कि कांग्रेस पार्टी 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव में अधिकतर युवा प्रत्याशियों को ही चुनावी मैदान में उतारेगी जिससे यह स्पष्ट होता है कि सदर सीट बदायू से सफीर उददीन अधिवक्ता का चुनाव के मैदान में उतरना लगभग तय माना जा रहा है।
बता दें कि सफीर उददीन वरिष्ठ अधिवक्ता व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मौलवी नसीर उददीन के पुत्र है।
समाजवादी पार्टी के दावेदारो का जिक्र इस बात के साथ शुरु करता हूॅ कि
सपा से सदर सीट के दावेदारों की कमी नही है
यहां एक ढ़ूढ़ों तब खंभो पर सैकड़ो मिलते हैं
सदर से सीट से सपा दावेदारों की भरमार है हर तरफ खंभो पर दावेदार ही दिखाई पड़ रहे है किसको हरी झंडी मिलेगी यह कुछ समय की बात है। बारहाल खालिद परवेज, फखरे अहमद शोबी, रईस अहमद अपनी अपनी दावेदारी मजबूत करने के लिए कोई कसर नही छोड़ रहे है सदर से टिकट पाने के लिए यह दावेदार पिछले लगभग तीन महीने से हर तरह का प्रयास कर रहे है लेकिन अभी तक हाईकमान से हरीझंडी नही मिलने पर दावेदारो की दावेदारी मे हवा में उडती नजर आ रही है। क्योंकि चर्चा यह है कि पूर्व विधायक मुस्लिम खान भी सपा में शामिल हो सकते है पूर्व विधायक और सपा के स्थानीय नेताओ के बीच बातचीत की चर्चा इस बात का संकेत दे रही है कि सदर सीट से सपा मुस्लिम खान को अपना प्रत्याशी बना सकती है। ऐसा लगता है कि सपा खुद के जाल में फंसती नजर आ रही है क्यूंकि सब दावेदारों को सदर से उतारने का लॉलीपाप देकर बाद में दावेदारो के अरमानो पर पानी फेरने से दावेदार दूसरी पार्टी में जाते नजर आऐगे इस बात को लेकर स्थानीय नेता काफी कशमाकश में है। क्यूंकि स्पष्ट है कि मुस्लिम खान शेखूपुर विधानसभा से चुनाव लडने का लगभग मन बना चुके थे लेकिन मुस्लिम खान और सपा नेताओं में बातचीत इस बात का संकेत दे रही है कि सपा मुस्लिम को शामिल करके सदर से हरी झंड़ी देगी शहर में इस बात की भी चर्चा है कि अगर मुस्लिम खान को सपा सदर से प्रत्याशी घोषित करती है तब शायद और दावेदार पार्टी का विरोध करते नजर आएंगे जिससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि सपा खुद के बुने जाल में फसती नजर आ रही है। बारहाल चुनावी बाजार में काफी गर्मागर्मी का माहौल है।

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