साप्ताहिक  काव्य निशा का हुआ  आयोजन/साथ मेरे हर वक़्त मेरी माँ का साया है-अमन मयंक शर्मा।

(अमन मयंक शर्मा) साहित्य दर्पण संस्था के तत्वाधान में मोहल्ला महाराजनगर में संस्था के साप्ताहिक कार्यक्रमानुसार  साप्ताहिक काव्य निशा का आयोजन किया गया।कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अथिति  समाजसेवी दिनेश  चंद्र शर्मा,कार्य्रकम अध्यक्ष कवि कामेश पाठक एवं विशिष्ट अथिति रामदेवी शर्मा ने माँ सरस्वती  के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ववलन कर किया।कवि आदर्श कुमार समय ने माँ सरस्वती की वंदना गान करके कार्यक्रम का आगाज किया।2-कार्यक्रम के अध्यक्ष वरिष्ठ कवि कामेश पाठक ने पड़ा-‘जगह जगह चटका पड़ा समता का परिवेश,जाति धर्म में बँट गया गांधी जी का देश।’ 3-साहित्य दर्पण संस्था के अध्यक्ष,युवा साहित्यकार अमन मयंक शर्मा ने माँ की ममता को समर्पित अपनी रचना पड़ी-‘माँ तेरी दुआओं का असर छाया है।जो मैंने चाहा वो जहाँ से पाया है।मैं नहीं हूँ अकेला इस भरी दुनिया में ,साथ मेरे  हर वक़्त मेरी माँ का साया है।’4-कवि  संजय सक्सेना ने पड़ा-‘महिमा पंडित हो तुम कितने बार वेदों ने गाया,भक्त कबीरा ने तो तुमको साक्षात गोविन्द बताया।’5-संस्था के नगर संयोजक,प्रगतिवादी कवि जयवीर चंद्रवंशी ने पड़ा-‘संग्राम जिंदगी है लड़ना उसे पड़ेगा,जो लड़ नहीं सकेगा आगे नहीं बढेगा। 6-शायर नासिर बदायूँनी ने पड़ा-‘कब पहुँचूँगा तेरे द्वारे,बता मुझे ऐ दुनियावाले।’ 7-कवि गौरव पाठक  ने पड़ा-हे आज़ादी के देवपुरुष,शतकोटि तुम्हारा वंदन है।जिस मिट्टी में बलिदान हुए,वह पारसमणि चन्दन है।’8-शायर प्रदीप तालिब ने फ़रमाया-जब से मैंने सुना है मुझको नींद नहीं है आई,आज छिड़ गयी फिर से कौरव और पांडवों में लड़ाई।’इसके आलावा विष्णु गोपाल अनुरागी,अनिकेत साहू ने भी काव्य पाठ किया।कार्यक्रम में अंत में कार्यक्रम के संयोजक अमन मयंक शर्मा ने सभी कवियों को प्रमाण पत्र  देकर सम्मानित किया।इस अवसर पर नमन मिश्रा,दिनेश चंद्र शर्मा,गौरव पाठक,सुरेन्द्र मिश्रा,राकेश शर्मा,निहार रन्जन,संजीव पाराशरी,रमेश पाठक,कल्पना मिश्रा,दीपक भारद्वाज,अनिरुद्ध वैश्य,अजीत गुप्ता,सचिन सक्सेना,राजेन्द्र साहू,मयंक पाठक,विवेक शर्मा,एचके सिंह,सुरेन्द्र टाइटलर सहित तमाम साहित्यप्रेमी मौजूद रहे।कार्यक्रम का संचालन अमन मयंक शर्मा  ने किया।

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