मुरादाबाद: एक शाम याद ए इरफान मुशायरा कार्यक्रम में इमरान प्रतापगढ़ी ने लूटी वाहवाही। (हिलाल अकबर की रिपोर्ट)

मुरादाबाद/बिलारी। नगर के एमएजेएमआई कॉलेज में एक शाम यादें इरफान के उपलक्ष में एक मुशायरा आयोजित किया गया। जिसमें इमरान प्रतापगढ़ी मुख्य शायर रहे और उन्होंने देश की सच्चाई को अपने आसार में पिरोकर प्रस्तुत किया और वाह वाही लूटी। इससे पहले मुख्य अतिथि के तौर पर आए पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खान ने मोमबत्ती जलाकर शमा को रोशन किया और अपने विचार रखें इस दौरान उन्होंने कहा कि एक शायर ही है जो देश की सच्चाई बयान करता है शायर का अहम किरदार होता है इसके अलावा हुकूमत को निशाना बनाते हुए कहा कि जहां इस वक्त ताजमहल है वहां शिवजी का मंदिर हुआ करता था ताजमहल को गिराकर वहां भी शिवजी का मंदिर बना दो ताजमहल को गिराने के लिए मैं भी साथ चलूंगा और मेरे साथ मेरे हमनवा भी चलेंगे। इसके अलावा मरहूम विधायक हाजी मोहम्मद इरफान की दूसरी बरसी पर आयोजित मुशायरे में मरहूम की प्रशंसा की इसके बाद मुशायरे के अंत तक शायरों के कलामों को गौर से सुनते रहे। शनिवार की शाम स्कूली बच्चों ने मुशायरे से पहले रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किया बच्चों ने अनेक वेशभूषा में नाट्य कार्यक्रम प्रस्तुत किए इसके बाद एक शाम यादें इरफान कार्यक्रम मुशायरे के रूप में तब्दील हो गया। इस दौरान विधायक मोहम्मद फहीम इरफान ने मुख्य अतिथि पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खान के सामने रूबरू होकर अपने विचार रखें और अपने द्वारा कराए गए विकास कार्यों को गिनाया और सरपरस्ती के लिए मेहमान खुसूसी का शुक्रिया अदा किया दूर दराज से आए अनेक शायरों ने अपने अपने कलाम पेश किए। रुड़की से आए  शायर अलीम वाजिद ने देशभक्ति आसार प्रस्तुत किए शमशाद हुसैन मुरादाबादी ने अपने आसार में सभी को मन मुग्ध कर दिया बड़े जोशोखरोश के साथ खुसूसी शायर का इंतजार कर रही ऑडियंस का वह क्षण देखने को मिला जब शायर इमरान प्रतापगढ़ी ने मंच पर प्रस्तुति दी उन्होंने अपने कलाम में देश में हो रही घटनाओं जुमलेबाजी आदि को निशाना बनाते हुए अपने आसार पेश किए उन्होंने कहा कि रोज लुटेरे नाक के नीचे देश लूट कर भाग रहे हैं चौकीदार तेरी ऐसी चौकीदारी पर लानत है याद करो एक जुमले पर कुर्बान गई यह जनता पूंजीपतियों से संन्यासी की यारी पर लानत है याद करो वह जुमला ना खाने दूंगा ना खाऊंगा वतन पर आ जाएगी तो लाहौर तक चढ़ जाऊंगा हमारा सैनिक सरहद पर मारा जाता है तो एक के बदले में दस सर लाऊंगा ऐसी चौकीदार की चौकीदारी पर लानत है इसके अलावा तीन तलाक इंसाफ कानून नजीब के ना मिलने पर उस मां के दर्द को अपने आसार में व्यक्त किया अंत में अनेक घटनाओं को अपने आकार में व्यक्त करके जनता को गमगीन कर दिया और मुस्लिमों के इतिहास को याद दिला कर अपने आसार में कहा की तलवार उठाई तो टीपू सुल्तान हुए शहनाई उठाई तो उस्ताद बिस्मिल्लाह खान हुए संगीत से जुड़े तो अल्लाह रखा रहमान हुए सरहद की बात आई तो शहीद अब्दुल हमीद उस्मान हुए सियासत की बात आई तो जहांगीर इंसाफ पसंद बादशाह हुए दुश्मन को माफ कर के अकबर सम्राट हुए कर्मवती ने राखी की लाज मांगी तो लाज बचाने वाले हुमायूं बादशाह हुए अंत में अपने आसार में कहा जमुना का किनारा अपना है हर एक नजारा अपना है यह भूल भुलैया अपनी है यह कुतुबमीनार अपना है टुकड़े-टुकड़े की मत सोचो सारा का सारा अपना है  15 अगस्त का लाल किला वह भी तो अपना है इसी के साथ मशहूर शायर इमरान प्रतापगढ़ी ने मंच से विदा ली  इस दौरान सभी युवा उत्साहित दिखाई दिए इस दौरान सैयद हासिम अली, फरमान कमाली, शमशाद हुसैन नदवी, राशिद राहत, तालिब हमीद, निकहत मुरादाबादी, अबूजर नवेद, सुल्तान अजहर, सज्जाद झंझर, नाजिया शहरी, अनवर जलालपुरी, महेंद्र अस्त, ज़मीर सालकी आदि सहित अनेको शायर के अलावा स्वार विधायक अब्दुल्लाह आज़म, जिला अध्यक्ष संभल फिरोज खान, जिला अध्यक्ष मुरादाबाद राजीव सिंघल, सांसद बदायूं धर्मेंद्र यादव, अमित यादव, सौरभ यादव आदि मौजूद रहे। मुशायरा कार्यक्रम का संचालन हिलाल बदायूनी ने किया। अंत में प्रधान संगठन के संरक्षक हाजी मोहम्मद उस्मान एडवोकेट ने कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा के बाद सभी का आभार व्यक्त किया।

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