बदायूँ: बरसो से चली आ रही कुप्रथा अब होगी ख़त्म : डीएम

बदायूँ :  स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत जनपद को 31 जुलाई तक खुले से शौच मुक्त कराना है। नामित नोडल अधिकारी गांवों में जाकर ओडीएफ अभियान में लगे समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ गोष्ठी आयोजित करें। लोगों को शौचालय बनाने के लिए प्रेरित करेंगे और उन्हें खुले में शौच करने से होने वाली हानियों के बारे में विस्तार से समझाएं। गांव में कोई भी व्यक्ति शौचालय विहीन नहीं रहना चाहिए। नोडल अधिकारी गांव में शासन द्वारा चलाई जा रही समस्त लाभार्थी परक योजनाओं का निरीक्षण भी करें।
शुक्रवार को कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में ओडीएफ की बैठक आयोजित की गई। उन्होंने समस्त नोडल अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि 9 से 11 बजे ऑफिस कार्य के बाद सीधे गांव में ही मिलना चाहिए। सरकार द्वारा चलाई जा रही समस्त लाभार्थी परक योजनाओं का भी सत्यापन करें। गांव में गोष्ठी का आयोजन कर लोगों को समझाएं कि कोई भी व्यक्ति खुले में शौच करने नहीं जाए। सभी लोग शौचालय का प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि नोडल अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि कोई भी व्यक्ति गांव के आसपास खुले में शौच करता नजर न आए। कुछ लाभार्थियों के शौचालय जब तक नहीं बन पाते है, ऐसे लोग शौच के लिए खुरपी साथ लेकर जाएं शौच को ढककर ही आए। उन्होंने नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव के विद्यालयों में जाकर बच्चों को जागरूकता के लिए टीम गाठित करें। बच्चे गांव में घूमकर लोगों को संदेश दें कि खुले में शौच करने न जाएंगे और न ही जाने देंगे। उन्होंने कहा कि सदियों से चली आ रही कुप्रथा को जड़ से मिटाना है। लोगों के शौचालय साफ और सुंदर निर्धारित मानकों के अनुसार गुणवत्ता पूर्वक बनवाए। लोगों को बताया जाए कि खुले में शौच करने से विभिन्न प्रकार की बीमारियां हो जाती है  जिससे लोगों को भारी जन तथा धन हानियां हो जाती हैं। नोडल अधिकारी एवं अध्यापक यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई बच्चा 6 वर्ष उम्र पूर्ण कर चुके शत प्रतिशत विद्यालय पढ़ने जाना चाहिए।

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