कोरिया: राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस कोरिया जिलाध्यक्ष शोएब अख्तर ने रेल प्रबंधन बिलासपुर से मांग की। (वेदप्रकाश तिवारी की रिपोर्ट)

कोरिया:-चिरिमिरी दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर रेल मंडल अंतर्गत बिलासपुर-अनुपपुर खंड पर रेल लाइन दोहरीकरण का कार्य चलने के कारण रेलवे द्वारा उस रुट पर चलने वाली कई ट्रेनों को रद्द् किया गया है। जिसके कारण यात्रियों की परेशानियों को दृष्टिगत रखते हुए राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस कोरिया जिलाध्यक्ष शोएब अख्तर ने रेल प्रबंधन बिलासपुर से मांग की है कि बिलासपुर-अनुपपुर खंड पर रेल लाइन दोहरीकरण कार्य के कारण जिन टेªनों को रद्द किया गया है, उन्हें अनुपपुर या शहडोल से संचालित किया जाए तथा बंद की गई अंबिकापुर-शहडोल मेमों को पुनः चालू किया जाए। गौरतलब है कि रेल लाइन दोहरीकरण कार्य के अंतर्गत पेन्ड्रारोड-सारबहरा-खोडरी एवं खोडरी-अनुपपुर खंड को जोड़ने हेतु नाॅन इंटरलाॅकिंग का कार्य 11 फरवरी से 5 मार्च 2019 तक किया जा रहा है। इसके फलस्वरूप मार्ग पर चलने वाली कुछ गाड़ियों को उपरोक्त तिथियों में रद्द एवं पुनः निर्धारित समय से गंतव्य को रवाना किया जा रहा है।
पे्रस नोट के माध्यम से रेल प्रबंधन का ध्यान आकर्षित कराते हुए शोएब ने जानकारी दी है कि अनुपपुर-शहडोल रेल खंड में कोई कार्य नहीं चल रहा है, फिर भी रेल प्रबंधन ने शहडोल अम्बिकापुर मेमों ट्रेन 68749 एवं अम्बिकापुर-शहडोल मेमो टेªन 68750 को बेवजह निरस्त किया है। जबकि यह ट्रेन यात्रियों से खचाखच भरी होती है। वर्तमान में इस रुट पर 40-42 माल गाड़ियों द्वारा कोयला परिवहन कराया जा रहा है, जिसमें अधिकांश प्रायवेट रैक होते है। बुधवार एवं शनिवार को इन प्रायवेट रैकों में और वृद्धि हो जाती है। जिस कारण हफ्ते में उक्त दो दिन चलने वाली गाड़ियां विशेष रुप से निरस्त कर कुछ गाड़ियो को निर्धारित गंतव्य तक न भेजकर आधे रास्ते से ही उन्हें वापस कर दिया जा रहा है।
क्षेत्रवासियो में ऐसी भी चर्चाएं है कि रेल प्रबंधन द्वारा किसी कंपनी को व्यक्तिगत लाभ दिलाने के लिए ऐसा किया जा रहा है। इसलिए रेल प्रबंधन यात्रियों की परेशानियों को ध्यान मंे रखते हुए इसपर पुर्नविचार कर मेमों टेªन को पुनः चालु करें।

मांग पूरी नही हुई तो करेंगे आंदोलन
मेमो के बंद होने से क्षेत्रवासियो में नाराजगी व्याप्त है। श्रमिक संघ आंदोलन का रास्ता अख्तियार करने की तैयारियां कर रहें है। श्रमिक संघ पदाधिकारियो का कहना है कि कोयलांचल क्षेत्र श्रमिक बाहुल्य क्षेत्र है। यदि रेल प्रबंधन ने ट्रेन का परिचालन जल्द से जल्द शुरु नही कराया तो सब एकजुट होकर आंदोलन करेंगे। क्योंकि इससे क्षेत्र के यात्री सबसे अधिक प्रभावित हो रहे है।

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