बिल्सी:आर्य समाज गुधनी पर्यावरण की शुद्धि व रोग शोक नाशक 450 किलो अति उत्तम हवन सामिग्री तीन हजार परिवारों में इस बार भी निशुल्क पहुँचाएगा !

बदायूँ/बिल्सी:आर्य समाज गुधनी  पर्यावरण की शुद्धि व रोग शोक नाशक 450 किलो अति उत्तम हवन सामिग्री तीन हजार परिवारों में इस बार भी निशुल्क पहुँचाएगा ! जग प्रसिद्ध समाज सुधारक आचार्य संजीव रूप ने बताया कि होली पर सभी घरों व गॉव शहर में होली जलाई जाती है, घरों में माताएँ बल्गुरियाँ जलाती हैं तो अनेक पुरुष सामूहिक रुप से होली जलाते हैं, ये परम्परा सनातन है, ल्कड़ी कण्डा जलाने का प्रयोजन अग्नि में रोगनाशक सामिग्री व घृत कपूर ,अधपके अन्न आदि डालकर पर्यावरण को शुद्ध बनाना व रोग दूर करना रहा है! आलस्य व अज्ञान के कारण लोग साकल्य डालना छोड़ गए ,जिसे मैंने विचारा और सात वर्ष पूर्व ये कार्य ग्राम से ही आरम्भ किया! देश भर कें अपनी कथाओं के माध्यम से लाखों लोगों को प्रेरित किया है, अपने जनपद में सैकड़ों ग्रामों व शहरों में रह रहे तीन हजार परिवारों में साकल्य के पैकेट भिजवाए जा रहे हैं! और पत्रकों के द्वारा लोगों से अपील की जा ही है कि लकड़ी कम जलाएँ! यज्ञ की भाँति होली मनॉएं! आचार्य संजीव रूप ने आज पहला पैंकेट आर्य समाज इस्लामनगर के प्रधान श्री संजीव कुमार गुप्ता व सिठोली के महान लेखक ठाकुर महेश सिहं को देकर..शुरुआत की !!चालीस पैकेट भी दिए इन्हें चालीस परिवारों में देने के लिए। इस सामग्री में सब ऋतुअनुकूल पदार्थ व शुद्ध घृत कपूर आदि मिश्रित है। इस महान कार्य में उझानी के समाजसेवी प्रदीप गोयल , बिल्सी के चेयरमैन अनुज वार्ष्णेय, बिल्सी आर्य समाज के प्रधान राजेश सिहं, बदायूँ के ज्ञानेन्द्र नाथ मिश्र, विसौली से सुभाष चंद्र अग्रवाल ,रविप्रकाश अग्रवाल, अरविंद अग्रवाल ,डॉ उपेंद्र आर्य,मास्टर अगरपाल सिंह, ओम प्रकाश आर्य व अनेक श्रद्धालु सहयोगी है ! आर्य संस्कारशाला व आर्य समाज गुधनी के सदस्यों ने साकल्य के पैकेट बनाए हैं और गांव गांव में वितरित कर रहे हैं।
नईम अब्बासी की रिपोर्ट

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