बदायूँ: केन्द्र सरकार की टीमों द्वारा ओडीएफ गांवो का कराया जाएगा सत्यापन।

बदायूँः  स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत जनपद के 6 जून 2018 से पहले  खुले में शौच मुक्त हुए गांवो का भारत सरकार द्वारा टीमें भेज कर स्वच्छ सर्वेक्षण का  सत्यापन कराया जाएगा। नोडल अधिकारी गांवो में जाकर जलभराव, कुड़ा कचरा एवं साफ-सफाई, आदि का निरीक्षण करेंगे।
रविवार को कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह ने नोडल अधिकारियों के ओडीएफ के सम्बन्ध में साथ बैठक आयोजित की। उन्होंने कि नोडल अधिकारी को निर्देश दिए कि प्रतिदिन गांवो में आशा, आंगनबाड़ी, कोटेदार, पंचायत सचिव, रोजगार सेवक, लेखपाल, सफाई कर्मचारी सहित आदि संबंधित अधिकारियों कर्मचारियों के साथ विकासखंड से लाउडस्पीकर लगाकर प्रचार प्रसार करते हुए गांवो में जाकर लोगों को खुले में शौच करने से होने वाली हानियों के संबंध में जागरूक करेंगे। उन्होंने कहा कि पहले से ओडीएफ हुए घोषित गांव में बेसलाइन सूची के अनुसार बचे हुए शेष शौचालयों का कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार तीन दिनों में पूर्ण करा लें। गांव के लोगों को खुले में शौच जाने से रोका जाए घरों में बने शौचालयों का प्रयोग कराएं। किसी व्यक्ति के पास शौचालय न होने के कारण खुले में शौच करने जाए तो शौच को ढक कर ही आए यह जानकारी गांव में सभी लोगों को होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गांव में जिन व्यक्तियों के नए निजी शौचालय अधूरे बने हैं और वह व्यक्ति गरीब है तो ऐसे व्यक्तियों का ग्राम प्रधान 14वें वित्त आयोग से मरम्मत कराए। गांव के गरीब पात्रों की बेसलाइन से छुटे लोगो की सूची बनाकर 30 नवंबर तक पोर्टल पर अपलोड की जाए। नोडल अधिकारी गांव में जाकर गली मोहल्लों का निरीक्षण करें कहीं पर कोई भी कूड़ा कचरा, जलभराव नहीं होना चाहिए। गांव के बाहर कूड़ा डालने का स्थान चिन्हित कर जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर उसमें कूड़ा डाला जाए। गांव के सभी व्यक्तियों के घर में निजी कूड़ेदान खरीदवाए जाए और  कूड़ा चिन्हित स्थानों पर सफाई कर्मी के माध्यम से डलवाएं। गांव के प्रवेश मार्ग साफ-सुथरे एवं सुंदर हो, गांवो के मार्ग पर लगाए गए सभी पेड़ हरे भरे और जीवित हो तथा बोर्ड भी लगा होना चाहिए।
 डीएम ने कहा कि नोडल अधिकारी जब गांव में जाएं तो ध्यान दें कि विद्यालयों, पंचायत घरों, सीएचसी, पीएचसी एवं अन्य शासकीय भवनों मे शौचालय, पीने का पानी, अतिक्रमण न हो और रंगाई पुताई एवं साफ-सुथरे स्वच्छ हो। समस्त गांव में स्वच्छता की रैली निकाली जाए। ग्राम प्रधानों द्वारा प्रत्येक गांव में एंटी लारवा स्प्रे मशीन एवं फागिंग मशीन खरीद कर नियमित छिडकाव एवं फागिंग कराई जाए। दो सड़कों के बीच में कहीं पर भी पानी का क्रास हो तो वहां पर लोहे के जाल डलवाए जाएं जिससे लोगों को निकलने में आसानी रहे। नोडल अधिकारी ओडीएफ हुए समस्त गांव का सत्यापन 25 नवंबर तक बेसलाइन सूची के आधार पर करके रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा समस्त अधिकारी गांव में जाकर इन सभी कार्यों पर आंदोलन के रूप में कार्य करें और कोई भी अधिकारी, कर्मचारी लापरवाही करता है तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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