बदायूँ: अल फरिया अस्पताल में सद्भावना मंच द्वारा विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।

बदायूं:- नगर स्थित अल फरिया अस्पताल के हाल में एक विचार गोष्ठी का आयोजन सद्भावना मंच बदायूं की ओर से किया गया जिसका शीर्षक “समाज के निर्माण में ईशदूत के संदेशों की भूमिका” रहा कार्यक्रम का आगाज मोहम्मद मोइन ने पवित्र कुरान के पाठ से किया

इस मौके पर सद्भावना मंच बदायूं के सचिव श्री डॉक्टर  इत्तेहाद आलम ने कहां हजरत मोहम्मद सल्ल0 अरब के प्रसिद्ध नगर मक्का में पैदा हुए थे 40 वर्ष की उम्र में आप नबी बने पवित्र कुरान प्यारे नबी पर अवतरित हुआ उन्होंने कहा कि हजरत मोहम्मद साहब और कुरान सिर्फ मुसलमानों के लिए ही नहीं है सारी दुनिया के लिए है

इसके बाद सद्भावना मंच के संचालक श्री सिराज अहमद ने कुरान प्रवचन प्रस्तुत करते हुए कहा कि कुरान सिर्फ मुसलमानों के लिए नहीं बल्कि सारी दुनिया के सभी धर्मों के लोगो लिए मार्गदर्शक के रूप में है जो इसका अनुसरण करेंगे उनको इसका फायदा मिलेगा श्री सिराज अहमद ने कहा की ईश्वर ने हमें सुनने और देखने की ताकत दी ईश्वर ने प्रत्येक वस्तु उद्देश्य के लिए बनाई है इंसान ईश्वर की शुक्रगुजार फिर भी नहीं करता जबकि प्रत्येक वस्तु चांद, सूरज,हवा, पानी, ईश्वर ने हमें दी फिर भी हम शुक्रगुजार नहीं हैं ईश्वर ने कोई चीज बेकार नहीं बनाई ईश्वर की शुक्रगुजार  हम करते रहे तो वह हमें स्वर्ग में दाखिल करेगा और यदि कोई विपरीत चलेगा तो नर्क में डाला जाएगा

इसके बाद कार्यक्रम में मौजूद एडवोकेट सफीर उद्दीन,डॉ संजीदा आलम, हम्मा इम्तियाज,श्री महिपाल सिंह, एडवोकेट अनवर आलम, शरीयत हुसैन, ज्ञान सिंह टंडन, अहमद परवेज, संयुक्त रूप से अपने विचार व्यक्त प्रस्तुत किए
इसके बाद कार्यक्रम में मौजूद जिला बार एसोसिएशन के सचिव एडवोकेट पवन गुप्ता जी ने सद्भावना मंच के कार्यक्रम की सराहना की उन्होंने बताया कि हजरत मोहम्मद जिस रास्ते से जाते थे तो एक बूढ़ी महिला आप पर कूड़ा डालती थी आप उससे कुछ नहीं कहते थे एक दिन जब वह औरत बीमार पड़ गई तो आपने उसकी सेवा की इसके बाद वह आप पर ईमान ले आई

इसके बाद सद्भावना मंच बदायूं के जिला उपाध्यक्ष श्री गौरव कुमार सक्सेना ने कहा कि सस्वत धर्म नहीं बदलता उन्होंने कहा कि हित अहित उचित अनुचित प्रत्येक व्यक्ति जानता है बदला लेने से समाज में अमन चैन नहीं आ सकता

कार्यक्रम में मौजूद आचार्य अमित आनंद भारद्वाज ने कहा कि सबसे पहले हमारे अंदर हमारी सद्भावना हो सबसे पहले हम अपना चरित्र अच्छा करें उन्होंने कहा कि गीता कुरान रामचरितमानस आदि धार्मिक ग्रंथों की घर में नहीं दिल में रखें उन्होंने कहा कि जवानी अंधी और बुढ़ापा लंगड़ा है उन्होंने कहा कि जो सही बात बता दे वही देवता अर्थात देव है उन्होंने कहा कि हमें अपने आप को देखना है उन्होंने कहा कि हमें सद्भावना की ओर मुड़ना है

इसके बाद कार्यक्रम में मौजूद सद्भावना मंच के अध्यक्ष एडवोकेट सुरेश चंद्र जौहरी जी ने कहा कि ईश्वर ने हमें हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई बनाकर पैदा नहीं किया बल्कि इंसान बना कर भेजा है उन्होंने कहा कि हमारे देश का प्रत्येक नागरिक शांति के साथ रहना चाहता है ऐसे कार्य करिए की आपस में शांति रखिए

कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्री अतीक अहमद शफीक इस्लाही ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि प्यारे नबी की 63 साल जिंदगी में 23 साल नबी के हैं उन्होंने कहा कि साडे छह लाख लोग ऐसे हैं  जिन्होंने हजरत मोहम्मद साहब के बारे में लिखा आप की शिक्षाएं समाज के हर तबके के लिए हैं सामाजिक बुराइयां जुआ,शराब,सूद आदि को हजरत मोहम्मद साहब की शिक्षाओं द्वारा खत्म किया जा सकता है

आखिर में श्री रियाज अहमद ने कार्यक्रम में आए सभी लोगों का आभार व्यक्त किया
कार्यक्रम का संचालन डॉ इम्तियाज अहमद ने किया कार्यक्रम में मुख्य रूप से सरफराज अब्बासी, इब्ने हयात, आबिद अब्बासी, आरिफ अंसारी,अस्मा इम्तियाज, आदि लोगों का विशेष सहयोग रहा

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