बदायूँ: आजम खान और आबिद रजा को लेकर किसी राजनैतिक भूकंप आने का सस्पेंस खत्म।

बदायूँ :  विगत कई दिनों से आबिद रजा के आवास पर आजम खान की मीटिंग को लेकर चला आ रहा  सस्पेंस आज खत्म हो गया ।

  • पूर्व राज्यमंत्री आबिद रजा के आवास पर सपा सरकार के कद्दावर मंत्री और उनके राजनीतिक गुरु कहे जाने वाले आजम खान ने आज  मशवराती काउंसिल के लगभग दो दर्जन सदस्यों के साथ राजनीतिक मंथन चल रहा था ।  जिसमें क्रीम के तौर पर कुछ अप्रत्याशित निकलने का सस्पेंस कई दिनों से बना हुआ था । लेकिन आज प्रेस वार्ता के दौरान आजम खां ने पत्रकारों से बात करते हुए इस सस्पेंस को खत्म कर दिया ।
  • क्या है मशवराती काउंसिल
    उन्होंने बताया कि मशवराती काउंसिल एक नॉन पॉलीटिकल संस्था है जो मुस्लिम समाज के साथ साथ दलित और दबे कुचले लोगों के हितों के लिए न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है इसके उद्देश्यों के बारे में बताते हुए उन्होंने इशारों इशारों में कहा उत्तर प्रदेश में यदि कोई राजनीतिक गठबंधन बनता है तो हमारी संस्था उस की गांठ को मजबूत करने का काम करेगी । आजम खान पर कई मुकदमों की साजिश के जवाब में बोलते हुए कहा कि मैं एक बहुत ही छोटा व्यक्ति हूं छोटी सी गली में रहता हूं और पूरे भारत में सिर्फ एक ही बैंक अकाउंट है जो विधानसभा की स्टेट बैंक में है इसके बाद भी यदि कोई भ्रष्टाचार का आरोप मुझ पर साबित होता है तो मुझे कुतुब मीनार पर लटका कर फांसी दे दी जाए।
  • उन्होंने जहां भाजपा को तीर-ए-निशाना बनाया वहीं चुनौती भी दी। कहा मंदिर निर्माण कौन रोकता है । मंदिर की तामीर करें जब मस्जिद गिराने से कोई नहीं रोक सका तो मंदिर तामीर करने से कौन रोक पाएगा । उनके इस सवालिया लहजे में भा जा पा को बड़ी चुनौती थी उन्होंने कहा मैं भाजपा के लिए आइटम गर्ल हूं, 2014 का इलेक्शन मेरे ऊपर लड़ा गया अब 2019 का इलेक्शन भी मेरे ऊपर लड़ा जाएगा इस खास मीटिंग में देश के मौजूदा हालातों पर चिंता दिखाई। कहा गया कि देश को गृह युद्ध की ओर धकेला जा रहा है कमजोर और अल्पसंख्यक खासकर मुसलमानों को बुरे दौर से गुजरना पड़ रहा है कभी दहशत गर्द तो कभी पाक़ का एजेंट बता कर सत्ता पक्ष ही उन्हें षड्यंत्र का शिकार बनाना चाहता है अयोध्या मुद्दे पर भले ही फासिस्ट ताकतें कितना ही उकसाएं हमें शान्ति का माहौल देना है।
    मुस्लिम नुमाइंदों ने एक राय कहा अयोध्या मसले पर सबकी अलग-अलग राय है लेकिन हमारी राय है कि सुप्रीम कोर्ट का जो फैसला हो उसे अमल में लाया जाए।
  • गठबंधन से बड़ा गठजोड़ बनाने पर जोर
    मुस्लिम नुमाइंदों की इस खास काउंसिल में दीगर मुस्लिम नेताओं ने गठबंधन से बड़ा गठजोड़ बनाने पर जोर दिया और इसकी पहल पूर्व मंत्री आबिद रजा द्वारा किए जाने पर उनका आभार जताया और उनके द्वारा चलाए जा रहे मुस्लिम जागरूकता अभियान की इसे बड़ी कड़ी बताया।
  • चीफ जस्टिस से मिलने का लिया फैसला
    मुस्लिम नुमाइंदों की काउंसिल में फैसला लिया गया कि वह चीफ जस्टिस से मिलेंगें। 70 सालों से उनके लिए क्या मिल रहा जो देखने सुनने को मिला है वह पूरी दुनिया देख रही है आखिरी उम्मीद देश की न्याय व्यवस्था से ही रह गई है हम गद्दार देशद्रोही आईएसआई एजेंट जाने कितने ही नामों से नवाजे जा रहे हैं। घर के बाहर और घर के अंदर लिंचिंग के नाम पर नंगा नाच हो रहा है।
    अब देखने वाली बात यह होगी कि मशवराती काउंसिल 2019 के लोकसभा चुनावों में गठबंधनों के बीच कितनी मजबूत गांठ बनकर उभरता है और बदायूं के मुसलमानों को कितना लुभा पाता है ।

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