बदायूँ: ग्राम पंचायतों में टीम बनाकर बेसहारा, आवारा पशुओं को रखना करें प्रारंभ।

बदायूँ :  निराश्रित एवं बेसहारा घूमने वाले पशुओं के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर लेखपाल पंचायत सचिव एवं ग्राम प्रधान संयुक्त रूप से मिलकर गौशाला बनाने का कार्य युद्ध स्तर पर प्रारंभ कर दें जिससे किसानों की फसलों का नुकसान न हो सके। उत्तर प्रदेश सरकार ने समस्त नगर पालिका नगर पंचायतों एवं ग्राम पंचायतों में अस्थाई आश्रय बनाने के लिए भूमि का चयन और अन्य व्यवस्थाओं के लिए ग्राम पंचायत निधि से एक मजदूर रखा जाए। सभी आवारा पशुओं को अस्थाई आश्रय में रखा जाए जो भी व्यक्ति अपने पशुओं को छुड़ाने आए उन लोगों से एक हजार पकड़ने के तथा सौ रुपए चारा, पानी अन्य व्यवस्थाओं के जुर्माना के रूप में वसूले जाएं।
शुक्रवार को कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में अस्थाई पशु आश्रय के संबंध में बैठक आयोजित की गई। उन्होंने लेखपाल ग्राम पंचायत सचिव एवं ग्राम प्रधानों के साथ बैठक करते हुए निर्देश दिए कि तीनों लोग संयुक्त रूप से टीम बनाकर प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर बेसहारा पशुओं के लिए अस्थाई पशु आश्रय कर निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर आवारा घूमने वाले पशुओं को रखना प्रारंभ कर दें। उन्होंने कहा कि गांव में अस्थाई पशु आश्रय में पशु रखना प्रारंभ हो जाएगा तब से रात में किसानों को अपनी फसल बचाने के लिए खेतों में रहना नहीं पड़ेगा। उन्होंने ग्राम प्रधानों को निर्देश दिए कि गांव में प्रातः पशुओं से दूध निकाल कर आवारा छोड़ देते है और शाम को पकड़ लेते हैं ऐसे लोगों को चिन्हित करें उन लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर भूमि चिन्हित कर टेंपरेरी गौशाला बनाकर पशु रखना शुरू कर दिया जाए। अस्थाई गौशाला में नांद रस्सी टीन सेट पशुओं के लिए पानी पीने की व्यवस्था के लिए एक मजदूर रखा जाए जो प्रतिदिन सारी व्यवस्थाएं जानवरों की करें। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि पकड़े गए पशुओं में किसी प्रकार की कोई समस्या हो तो तत्काल अवगत कराया जाए। उन्होंने कहा कि गोवंश में जो नर पशु पकड़े जाएंगे उनका बधिया करण भी किया जाएगा। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी अरुण कुमार जादौन, सहकारी समिति के अध्यक्ष उमेश राठौर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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