बदायूँ: ग्राम पंचायतों में बनेगें अस्थाई पशु आश्रयः डीएम

बदायूँ : निराश्रित एवं बेसहारा घूमने वाले पशुओं के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर लेखपाल, पंचायत सचिव एवं ग्राम प्रधान संयुक्त रूप से मिलकर गौशाला बनाने का कार्य युद्ध स्तर पर प्रारंभ कर दें। ग्राम पंचायतों में अस्थाई आश्रय बनाने के लिए भूमि का चयन और अन्य व्यवस्थाओं के लिए ग्राम पंचायत निधि से एक मजदूर रखा जाए। जो भी व्यक्ति अपने पशुओं को छुड़ाने आए उन लोगों से प्रत्येक पशु के एक हजार रूपए पकड़ने के तथा सौ रुपए प्रतिदिन प्रति जानवर के चारा, पानी अन्य व्यवस्थाओं के जुर्माने की रसीद काटी जाए।
शनिवार को कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में अस्थाई पशु आश्रय के संबंध में लेखपाल, पंचायत सचिव, खण्ड विकास अधिकारी एवं ग्राम प्रधानों के साथ बैठक आयोजित की। उन्होंने कहा कि लेखपाल ग्राम पंचायत सचिव एवं ग्राम प्रधानों की संयुक्त रूप से टीम बनाकर प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर निराश्रित बेसहारा पशुओं के लिए अस्थाई पशु आश्रय का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर उसमें निराश्रित पशुओं को बांधें। उन्होंने कहा कि रात में किसानों को अपनी फसल बचाने के लिए खेतों में रहना नहीं पड़ेगा। उन्होंने ग्राम प्रधानों को निर्देश दिए कि गांव में प्रातः पशुओं से दूध निकाल कर आवारा छोड़ देते है और शाम को पकड़ लेते हैं ऐसे लोगों को चिन्हित करें उन लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ग्राम पंचायत स्तर पर भूमि चिन्हित कर अस्थाई गौशाला बनाकर पशु रखना शुरू कर दिया जाए। अस्थाई गौशाला में नांद, रस्सी, टीन सेड, पशुओं के लिए पानी पीने की व्यवस्था के लिए एक ग्राम पंचायत निधि से मजदूर रखा जाए जो प्रतिदिन सारी व्यवस्थाएं जानवरों की करें। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि पकड़े गए पशुओं में किसी प्रकार की कोई समस्या हो तो तत्काल अवगत कराया जाए। उन्होंने कहा कि गोवंश में जो नर पशु पकड़े जाएंगे उनका बधिया करण भी किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी अरुण कुमार जादौन, खंड विकास अधिकारी कादर चौक बलवंत सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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