बदायूँ: तकनीकी कमेटी करेगी न्यू सीएचसी भवन के गुणवत्ता की जांच।

बदायूँ : कार्यदायी संस्था पैकफेड द्वारा चार करोड़ तीन लाख रुपए की लागत से नवनिर्मित समरेर स्थित सीएचसी भवन की गुणवत्ता अत्यन्त खराब पाए जाने पर तकनीकी कमेटी से जांच कराई जाएगी। पुराना सीएचसी भवन छोटा होने के कारण तत्काल नए भवन में शिफ्ट किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश शासन के आबकारी आयुक्त/जनपद के नोडल अधिकारी धीरज साहू ने जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ सोमवार को तहसील दातागंज अन्तर्गत विभिन्न विकास कार्यां, सड़क निर्माण, ब्लाक कार्यालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं दातागंज नगर पालिका परिषद के मौहल्ला परा, वार्ड नम्बर एक स्थित मलिन बस्ती में सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। मलिन बस्ती में साफ-सफाई तो संतोषजनक पाई गई, परन्तु विद्युत ट्रांसफार्मर खुले में रखे होने पर नोडल अधिकारी ने असंतोष व्यक्त करते हुए अतिशीघ्र लोहे की जाली से घेरा बनवाने के निर्देश दिए हैं। इसी बस्ती में बने सार्वजनिक शौचालय की सफाई व्यवस्था ज़रूरत से ज्यादा पाए जाने पर उन्होंने संदेह व्यक्त करते हुए व्यंग किया कि ‘‘इसका उपयोग भी होता है क्या’’। समरेर सीएचसी में विभिन्न कक्षों में जाकर निरीक्षण करने के साथ ही मरीजों से भी वार्ता की। दवाओं की उपलब्धता देखने पर एंटीरैवीज एवं एंटीवाइटिक का अभाव पाए जाने पर मुख्य चिकित्साधिकारी मनजीत सिंह को हिदायत दी कि व्यवस्था में सुधार लाने का प्रयास करें। तत्पश्चात उन्होंने मौसमपुर वाया कनकपुर मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। सड़क को खुदवाकर उसकी गुणवत्ता परखी, निर्माण कार्य संतोषजनक मिला।
पुराना सीएचसी भवन छोटा होने के कारण यहां नया बड़ा भवन बनाया गया है। नए भवन में फर्श की स्थिति दयनीय एवं दीवारों पर सीलन, खिड़कियां साइज़ से छोटी और शीशारहित पाई गईं। नोडल अधिकारी ने गुणवत्ता की जांच हेतु तकनीकी कमेटी बनाकर जांच कराने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था पैकफेड के मैनेजर को निर्देश दिए कि शीघ्र लाइट और पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करें, जिससे नए भवन में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र शिफ्ट किया जा सके। नया भवन खामियों के कारण स्वास्थ्य विभाग को हस्तांत्रित नहीं हो सका। डीएम ने स्वास्थ्य विभाग के जेई ओमशांति से पूछा कि खामियों की सूची बनाकर कार्यदायी संस्था को दी अथवा नहीं तो वह कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। डीएम ने कहा कि खामियों को दूर न करने के पीछे स्वास्थ्य विभाग के जेई की भी लापरवाही प्रदर्शित हो रही है। अतिशीघ्र कार्यदायी खामियों की सूची उपलब्ध नहीं कराई गई तो स्वास्थ्य विभाग के जेई के भी विरुद्ध कठोर कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

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